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उत्तराखंड: जंगली मशरूम खाने से परिवार के पांच लोग हुए बीमार, एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत

Fri, 02 Aug 2019 10:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी) Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 02 Aug 2019 10:20 AM IST
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Whole Family Hospitalized after ate Wild poisonous mushrooms in tehri one death

उत्तराखंड के टिहरी में जंगली मशरूम की सब्जी खाने से थौलधार ब्लॉक के ग्राम गैर (नगुण) निवासी एक ही परिवार के पांच सदस्य बीमार हो गए। जिसमे से एक बच्चे की देहरादून के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है।

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ग्राम गैर (नगुण) निवासी शिवदास की पोती शिवानी 30 जुलाई को सब्जी बनाने के लिए जंगल से मशरूम लाई थी। रात को पूरे परिवार ने जंगली मशरूम की सब्जी खाई थी। रात तक सबकुछ ठीकठाक था।
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लेकिन अगले दिन 31 जुलाई को परिवार के पांचों सदस्य शिवदास (65) और उनकी पत्नी छटांगी देवी (64), पुत्र वधु अनीता (31), शिवानी (13) और अभिराज (4) दोनों बच्चे सुमन लाल फूड प्वाइजनिंग से बीमार हो गए। 
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उन्हें उल्टी और बेचेनी होने लगी। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया। साथ ही उन्हें ब्लड जांच कराने की सलाह दी।

सरकारी अस्पताल में नहीं मिला इलाज

शाम को घर पहुंचने पर अभिराज (4) पुत्र सुमन लाल की फिर से रात में तबीयत बिगड़ गई। अभिराज के मामा मुलम दास उसको लेकर गुरुवार तड़के करीब तीन बजे देहरादून रवाना हुए। मुलमदास ने बताया कि सुबह करीब छह बजे वह दून अस्पताल पहुंचे।

लेकिन दून अस्पताल में आईसीयू यूनिट खाली न होने से अभिराज तड़पता रहा। उसके बाद वह उसे एक निजी नर्सिंग होम में ले गए। लेकिन सुबह 7.30 बजे के लगभग उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से शिवदास के घर और गांव में कोहराम मचा हुआ है। 

बारिश के मौसम में अधिकतर जंगलों में उगने वाली मशरूम की प्रजातियां हानिकारक होती हैं। जंगली मशरूम की कई प्रजातियां विषाक्त होती हैं। जिस कारण जहरीले मशरूम के सेवन से फूड प्वाइजनिंग होती है। जंगली मशरूम में मौजूद अमीनो टोक्सिन यकृत और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। 
-डा.अमित राय, फिजिशियन जिला अस्पताल

जंगली मशरूम की छतरी में चमकीलानूमा संरचना होती है। जड़ के भाग की गाठ अधिक मोटी होती है। जिस मशरूम का कृषिकरण होता है उसकी जड़ की गाठ पतली होती है। पीला, नारंगी और लाल रंग के जंगली मशरूम को कभी भी नहीं खाना चाहिए। वह रंग के कारण अधिक जहरीला होता है।
डा.लक्ष्मी रावत,प्लांट पैथोलाजिस्ट वानिकी विवि रानीचौरी

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