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आखिरी एपिसोड में नहीं दिखे 'सन ऑफ सरकार'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 01 Feb 2014 07:24 PM IST
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उत्तराखंड की राजनीति में सन ऑफ सरकार के नाम से पहचान बनाने वाले साकेत बहुगुणा आखिरी एपिसोड में कहीं नजर नहीं आए। जबकि छोटा बेटा सौरभ बहुगुणा पिता के साथ साये की तरह दिखा।
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मुख्यमंत्री के बड़े बेटे साकेत को ही उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है।
निभाते थे प्रमुख भूमिका
विजय बहुगुणा का प्रदेश में करीब एक साल दस महीने का कार्यकाल रहा। कई बार ऐसे मौके आए जब प्रदेश सरकार कर्मचारी संगठनों आदि का दबाव बना।
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पिता की सरकार मुश्किलों में देख साकेत खुलकर सामने आए और मध्यस्त की भूमिका निभाई। पिता ने उनकी क्षमताओं को देखकर ही आगे बढ़ाया।
प्रशासन में भी राय मायने
बताते हैं तमाम प्रशासनिक फैसलों में भी साकेत की राय मायने रखती थी। तमाम सरकारी कार्यक्रमों और सड़कों पर टंगे होर्डिंग्स व बैनर में साकेत प्रमुखता से दिखे। पिता और पार्टी ने उन्हें टिहरी लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव भी लड़ावाया।
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आज बहुगुणा के इस्तीफे की वजह से मुख्यमंत्री आवास पर सुबह से ही गहमागहमी थी। पिता बहुगुणा अंदर मौजूद लोगों से मिल रहे थे। वहीं छोटे बेटे सौरभ बाहर लॉन में मौजूद मीडिया व अन्य लोगों से मिल रहे थे। बीच-बीच अंदर क्या हो रहा है इसकी पड़ताल भी करते रहते। कोई कुछ पूछता तो बस यही कि फैसले का सम्मान करते हैं।
इस्तीफे के लिए राजभवन जाने से पहले और इस्तीफा देकर बाहर आने केबाद सौरभ उनके ईद-गिर्द ही रहे।
लाल बत्ती से आए, काली गाड़ी से लौटे
मुख्यमंत्री अपने आवास से राजभवन जब इस्तीफा पहुंचे तो लाल बत्ती की सरकारी गाड़ी थी लेकिन इस्तीफा देकर बाहर आए तो निजी काली हॉडा सीआरवी खड़ी इंतजार कर रही थी।
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यह व्यवस्था भी बेटे सौरभ की देखरेख में हुई। मुख्यमंत्री जिस सरकारी गाड़ी से राजभवन पहुंचे थे उसका नम्बर 1000 था जिससे लौट उसका नम्बर 2000 था।
चूंकि मुख्यमंत्री के आवास का लगभग पूरा सामान पिछले 24 घंटे में शिफ्ट कर दिया गया है। लिहाजा इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री लौटकर आवास भी नहीं गए। सीधे दिल्ली के लिए रवाना हुए।