स्मृति शेष : जब सुषमा स्वराज को सुनने के लिए रामलीला मैदान में उमड़ा था भारी हुजूम
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भाजपा नेता सुषमा स्वराज के निधन की सूचना मिलते ही पार्टी से जुड़े नेताओं में शोक की लहर दौड़ गई है। भाजपा नेताओं ने बताया कि 2007 के विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान रामलीला मैदान में हुई जनसभा में उन्हें सुनने के लिए भीड़ जमा हो गई थी।
उस वक्त हल्द्वानी विधानसभा सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई थी। भाजपा ने बंशीधर भगत को मैदान में उतारा था। विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत बताते हैं कि वह प्रचार के दौरान पहुंची थीं, उनको सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे थे। इस चुनाव में भाजपा को जीत मिली। विधायक भगत बताते हैं कि जब भी दिल्ली जाते थे, तब वह समय निकाल कर सुषमा स्वराज से मिलने अवश्य जाते थे। उनमें समस्याओं का समाधान करने की अद्भुत क्षमता थी।
एक प्रखर वक्ता और ओजस्वी नेता को खो दिया
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट बताते हैं कि उस वक्त वह संघ में स्वयंसेवक थे। पार्टी से नहीं जुड़े थे। सुषमा स्वराज को सुनने के लिए वह रामलीला मैदान में पहुंचे। पूरा मैदान लोगों से भरा हुआ था। करीब 45 मिनट का उनका भाषण था। देश ने एक प्रखर वक्ता और ओजस्वी नेता को खो दिया है।
लगा नहीं, इतने बड़े नेता से मिले
भाजपा के कुमाऊं मीडिया प्रभारी तरुण बंसल बताते हैं कि करीब सात साल पहले विधायक बंशीधर भगत के साथ दिल्ली में सुषमा स्वराज से उनके आवास पर मिलने का अवसर मिला था, उस वक्त वह भाजपा में जिला महामंत्री के पद पर था। सुषमा स्वराज से मिलकर लगा ही नहीं कि वह देश के इतने बड़े नेता से मिले हैं, वह साधारण व्यक्ति की तरह मिली और हालचाल जाना। उनका जाना देश के लिए बड़ी क्षति है।