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यह कैसा रैन बसेरा : न अलाव और न बिजली
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हरबर्टपुर में बनाए गए रैन बसेरे का निरीक्षण करते सभासद विपुल अग्रवाल।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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हरबर्टपुर नगर पालिका के सभासद विपुल अग्रवाल ने ठंड से बचाव के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से की गईं व्यवस्थाओं को लेकर सवालिया निशान खड़े किए हैं। बृहस्पतिवार को सभासद ने क्षेत्र में जगह-जगह जल रहे अलाव और रैन बसेरे का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान रेन बसेरे में लाइट की कोई व्यवस्था नहीं मिली। वहां पर कुत्ता मरा हुआ था, जिस पर सभासद ने कहा कि पालिका प्रशासन ठंड से बचाव के लिए की जाने वालीं व्यवस्थाओं के नाम पर बेघर लोगों के साथ मजाक कर रहा है। ऐसी जगह पर पालिका प्रशासन की ओर से रैन बसेरे का निर्माण किया गया है जहां पर रात तो दूर दोपहर के समय भी अंधेरा पसरा रहता है। साथ ही जिस जगह पर रैन बसेरा बनाया गया है वहां पर कुत्ता भी मरा पड़ा हुआ है। सिर्फ सरकारी बजट को ठिकाने लगाने के लिए रैन बसेरे का निर्माण किया गया है। पालिका प्रशासन की हीलाहवाली के कारण कोई भी बेघर इस रैन बसेरे का इस्तेेमाल नहीं कर पा रहा है। यहां न तो अलावा की व्यवस्था है और न ही बिजली आदि की। कहा कि मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी।
अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र कुमार का कहना है कि आरोप निराधार है। रैन बसेरे पर लाइटिंग की पूरी व्यवस्था है। साथ ही कर्मचारी रोजाना रैन बसेरे का निरीक्षण करते हैं। संभवत: सुबह के समय ही कोई कुत्ता बसेरे में जाकर मर गया होगा, जिसे हटा लिया गया है।
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निरीक्षण के दौरान रेन बसेरे में लाइट की कोई व्यवस्था नहीं मिली। वहां पर कुत्ता मरा हुआ था, जिस पर सभासद ने कहा कि पालिका प्रशासन ठंड से बचाव के लिए की जाने वालीं व्यवस्थाओं के नाम पर बेघर लोगों के साथ मजाक कर रहा है। ऐसी जगह पर पालिका प्रशासन की ओर से रैन बसेरे का निर्माण किया गया है जहां पर रात तो दूर दोपहर के समय भी अंधेरा पसरा रहता है। साथ ही जिस जगह पर रैन बसेरा बनाया गया है वहां पर कुत्ता भी मरा पड़ा हुआ है। सिर्फ सरकारी बजट को ठिकाने लगाने के लिए रैन बसेरे का निर्माण किया गया है। पालिका प्रशासन की हीलाहवाली के कारण कोई भी बेघर इस रैन बसेरे का इस्तेेमाल नहीं कर पा रहा है। यहां न तो अलावा की व्यवस्था है और न ही बिजली आदि की। कहा कि मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी।
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अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र कुमार का कहना है कि आरोप निराधार है। रैन बसेरे पर लाइटिंग की पूरी व्यवस्था है। साथ ही कर्मचारी रोजाना रैन बसेरे का निरीक्षण करते हैं। संभवत: सुबह के समय ही कोई कुत्ता बसेरे में जाकर मर गया होगा, जिसे हटा लिया गया है।
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