Uttarakhand Weather: मलबा आने से मसूरी हाईवे बंद, आज तीन जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश के तीन जिलों में आज भी कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। साथ ही कहीं-कहीं आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड: आपदा पीड़ितों से मिलकर लौट रहे विधायक धामी मलबे के तेज सैलाब में बहे
मसूरी देहरादून मार्ग घनानंद इंटर कॉलेज के पास भारी भूस्खलन होने से बाधित हो गया है। भूस्खलन की जद में चार मकान आने पर कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग 707 ए फायर सर्विस स्टेशन के पास क्षतिग्रस्त हो गया है।
सड़क का एक बड़ा भाग धंसने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। केम्पटी के पास सैंजी गांव के पास भूस्खलन होने से मार्ग करीब दो घंटे बंद रहा। भूस्खलन के बाद मार्ग बंद होने से सड़क के दोनों और लंबी कतार लग गई, जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार आज पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से भारी बारिश हो सकती है। तेज बारिश के दो से तीन दौर हो सकते हैं।
इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, पौड़ी और देहरादून के अधिकांश स्थानों और अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
टिहरी जिले की 18 ग्रामीण सड़कें बंद
बीती रात को नई टिहरी में हुई झमाझम बारिश से 18 ग्रामीण मार्ग बाधित हो गए। लोगों को पैदल ही दूरी तय करनी पड़ रही है।
बारिश के कारण आगराखाल-कुसरेला, शिवपुरी-तिमली, नरेंद्रनगर-नीर, सल्डोगी-कसमोली, रामपुर-श्यामपुर, रामपुर-श्यामपुर-दनसाड़ा, अदवाणी-ओडाडा, गजा-तमियार, डांडाचली-कैंच्छु, बादशाहीथौल-सौंदकोटी, गजा-माणदा, सिल्काखाल-सरक्याड़ा, चचकंडा-सोनी, तेगड-आछरीकुंड, गहड़-पल्यापाटन, खोलाधार-पंयाकोटी, कोटी गुसाईंयों की-गरकोट-पलेठी, खतवाड़ा बैंड-रिंगोली मल्ली मार्ग बंद हुए है।
इस बाबत लोनिवि के अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह ने बताया कि मलबा और बोल्डर गिरने से सड़कें बंद हुई है। 24 सड़कें बाधित हो गई थी, जिसमें से छह पर आवागमन शुरू कर दिया गया है। 18 सड़कें बंद चल रही है। मलबा साफ करने के लिए जेसीबी लगाई गई है।
मलबा आने से 15 घंटे बंद रहा कालसी-चकराता मोटर मार्ग
भारी बारिश के कारण मलबा आने से बीते बुधवार शाम को बंद हुए कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर करीब 15 घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। सुबह के समय सड़क पर नकदी फसलों से लदे वाहनों की लंबी कतार लग गई। रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान करीब 40 से अधिक गांव की आबादी का संपर्क भी कटा रहा।
बीते बुधवार शाम करीब छह बजे जजरेट के पास सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया था। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई थी। रात भर सड़क से पत्थरों के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही बहाल कराई जा सकी।
इस दौरान साहिया, पंजिया, ककाड़ी, क्वांसी, चकराता, पुरोड़ी, ठांडा, मयरावना, लोखंडी, लोहारी समेत 40 गांवों का संपर्क अन्य इलाकों से कटा रहा। लोगों को साहिया और चकराता पहुंचने के लिए वाया बैराटखाई 65 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा।
मकान के ऊपर गिरा सुरक्षात्मक दीवार का मलबा
भारी बारिश के बीच कालसी ब्लॉक के बडोड़ा गांव में एक मकान के ऊपर बनी छानी की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। दीवार का मलबा मकान के ऊपर जा गिरा। पीड़ित मकान मालिक ने तहसील प्रशासन से मकान के पीछे सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है।
देहरादून के रायपुर क्षेत्र में घरों में जलभराव
वहीं देहरादून के रायपुर क्षेत्र में गुरुवार की रात शिव कॉलोनी और भगत सिंह कॉलोनी में घरों में पानी भर गया। एसडीआरएफ की टीम ने राहत बचाव कर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। बरसात में जलभराव से लोगों के घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचा है। किसी जनहानि की सूचना नहीं है। शुक्रवार की सुबह विधायक गणेश जोशी और उमेश शर्मा काऊ ने प्रभावित इलाकों का जायजा किया।
पहाड़ों पर हुई तेज बारिश से देर रात उफनाई रिस्पना, तीन खंभे गिरे
पहाड़ों में हुई तेज बारिश से गुरुवार देर रात देहरादून की रिस्पना नदी उफान पर आ गई। जल स्तर बढ़ने से नदी के बीच में लगाए गए हाईटेंशन लाइन के तीन खंभे गिर गए। देर रात विधायक राजकुमार कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जल स्तर बढ़ने से तटों पर रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई।
देर रात आसपास की कॉलोनियों में जलभराव हो गया। कई लोगों के घरों में बरसात का पानी घुस गया। एसडीआरएफ ने बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों को कंधे पर लादकर सुरक्षित जगह पहुंचाया।
कंट्रोल रूम को खबर तक नहीं
आपदा कंट्रोल रूम को देर रात तक मामले की खबर नहीं थी। कंट्रोल रूम से संपर्क करने पर ऑपरेटर ने बताया कि रायपुर के कुछ इलाकों में जलभराव की सूचना मिली है। इसके अलावा शहर में कई से कोई सूचना नहीं है। उन्होंने रिस्पना का जल स्तर बढऩे की सूचना से भी इनकार किया।
दून विहार में दीवार गिरी, दो घर क्षतिग्रस्त
दून विहार में बारिश के चलते दीवार गिरने से दो घर क्षतिग्रस्त हो गए।