Weather Today: उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में छाया घना कोहरा, बढ़ी ठंड
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उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में आज कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने सोमवार को भी बेहद घना कोहरा छाने का अनुमान जताया है। इसके अलावा विभाग ने मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री तक की कमी आने की चेतावनी भी दी है। इससे ठंड में इजाफे की संभावना को देखते हुए लोगों को सर्दी से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर के अधिकांश और नैनीताल व पौड़ी के मैदानी इलाकों में बहुत घना कोहरा छाने की आशंका है। इसके अलावा आज से इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री तक कम रह सकता है।
जिससे दैनिक औसत तापमान 15 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। विभाग ने एकाएक ठंड बढ़ने पर लोगों को सर्दी से बचाव करने की सलाह दी है। साथ ही सभी जिलों के अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को भी कहा है।
नैनीताल में पर्यटकों की आमद बढ़ी, कारोबारियों के चेहरे खिले
वीकेंड पर रविवार को नैनीताल में काफी संख्या में पर्यटक पहुंचे। बड़ी संख्या में सैलानियों ने नौकायन का आनंद लिया और पर्यटक स्थलों पर पहुंचकर सेल्फी ली।
रविवार सुबह बाजार में कम ही लोग नजर आए, लेकिन दोपहर बाद तल्लीताल, मालरोड, मल्लीताल, पंत पार्क, भोटिया बाजार क्षेत्र में पर्यटक बढ़ने लगे। इस दौरान पर्यटकों ने नैनीझील में बोटिंग की। पर्यटकों की चहलकदमी से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिले नजर आए। भीड़ बढ़ने से पुलिस को यातायात व्यवस्थित करने में पसीना बहाना पड़ा। पार्किंग फुल होने के साथ ही सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। इधर, चिड़ियाघर में दिनभर में 688 पर्यटकों ने उच्च स्थलीय वन्य प्राणियों को देखा। वहीं केव गार्डन में 475 पर्यटकों ने प्राकृतिक गुफाओं का दीदार किया। इसके अलावा वाटर फाल में 435 पर्यटक और हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में 100 पर्यटक पहुंचे।
टेंटों में ठिठुर रहे जोशा के पांच परिवार
बरसात में आपदा से बेघर हुए मुनस्यारी के जोशा गांव के पांच परिवार एक बार फिर प्रकृति की मार झेलने को मजबूर हैं। पांच माह से टेंटों में रह रहे इन परिवारों की मुश्किलें बर्फबारी से और अधिक बढ़ गईं हैं। वे टेंटों में ठिठुरने को मजबूर हैं।
जोशा के आपदा प्रभावित हर्ष सिंह, हयात सिंह, जोहार सिंह, मंगल सिंह, खगेंद्र सिंह, विमला देवी के परिवार टेंट में रहने को मजबूर हैं। सात परिवार स्कूलों में रह रहे हैं। जोशा में इन दिनों अधिकतम तापमान आठ डिग्री तो न्यूनतम माइनस दो डिग्री पहुंचने लगा है। ठंड से बचने के लिए अपनी व्यवस्थाओं से अलाव जला रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही इन परिवारों की परेशानियां भी बढ़ती जा रहीं हैं। खाना बनाने के लिए ईंधन और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। रास्ते क्षतिग्रस्त होने से सिलिंडर भी बमुश्किल पहुंच पाता है। प्रधान राजेश रोशन का कहना है कि यदि शीघ्र विस्थापन हो जाता तो ये परिवार ठंड में ठिठुरने से बच जाते।
हयात सिंह का कहना है कि विस्थापन की बाट जोहते आंखें थक चुकी हैं लेकिन शासन, प्रशासन मात्र आश्वासन ही दे रहा है। ठंड बढ़ती जा रही है। छोटे छोटे बच्चे हैं। इससे परेशानी हो रही है। टेंट में ही रह रहे हर्ष सिंह का कहना है कि ठंड बढ़ने से मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। परिवार के सदस्यों के साथ स्कूल में रह रही रेणु देवी का कहना है कि बेघर होने के बाद से ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं। पहले बरसात की परेशानियां तो अब ठंड का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। प्रधान राजेश रोशन का कहना है कि विस्थापन तो दूर अलाव की व्यवस्था भी प्रशासन नहीं कर सका है।
नए साल के जश्न के लिए बनने लगा है माहौल
दिसंबर मध्य में जिले में बर्फबारी का सिलसिला शुरू होने से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। जिले में हर्षिल, दयारा, डोडीताल, चौरंगीखाल, नचिकेता ताल, खरसाली, केदारकांठा, हरकीदून आदि पर्यटन स्थल बर्फ से लकदक हो गए हैं।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने बताया कि क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने के लिए बाहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
यदि मौसम ने साथ दिया और कोविड-19 महामारी का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा तो आने वाले दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।