उत्तराखंड: बारिश से कई संपर्क मार्ग बंद, नदियों का जलस्तर भी बढ़ा
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पर्वतीय जिलों में शुक्रवार को भी बारिश होती रही। इससे कई जगहों पर मलबा आने से संपर्क मार्ग बंद हो गए जबकि कई लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बारिश के चलते टिहरी झील, मंदाकिनी और पिंडर नदी का जलस्तर भी बढ़ गया।
केदारनाथ धाम में शुक्रवार को पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि रुद्रप्रयाग में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। बारिश के चलते केदारनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी गिरावट आ गई है।
लगातार बारिश के कारण नई टिहरी जिले के तीन ग्रामीण मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। जौनपुर के छनाण गांव के सैनसारी तोक में एक घर, चंबा के दिखोलगांव में गोशाला, काफलपानी, बड़ा स्यूटा, देवप्रयाग में एक एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
चंबा पालिका के वार्ड-2 में आंगन का पुस्ता ढह गया। चंबा में गढ़वाल मंडल विकास निगम के निर्माणाधीन वेडिंग प्वाइंट की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। नई टिहरी में मालरोड पर स्थित ज्योति इंटर प्राइजेज के अंदर मलबा घुसने से लाखों का सामान खराब हो गया।
बारिश से टिहरी झील का जलस्तर भी 743 से बढ़कर 748.38 मीटर पहुंच गया। झील से 178 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। चमोली जिले में भी रुक-रुक कर बारिश हुई। इससे अलकनंदा का जलस्तर बढ़ गया है।
जिला प्रशासन ने नदी किनारे न जाने और नदी किनारे बसे ग्रामीणों को भारी बारिश होने पर अलर्ट रहने को कहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि अलकनंदा का जलस्तर 953.70 मीटर, नंदाकिनी का 867.13 मीटर तथा पिंडर का जल स्तर 768.27 मीटर मापा गया है।
शुक्रवार को तहसील चमोली में 5.0 एमएम और जोशीमठ में 1.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, पौड़ी के आसपास के चार संपर्क मार्ग बाधित हो गए, जिन्हें देर शाम तक जेसीबी की मदद से सुचारु कर दिया गया।