उत्तराखंड कांग्रेस में नए अध्यक्ष पर मचा घमासान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजय बहुगुणा गुट के नेता व विधायक किसी भी कीमत पर किशोर उपाध्याय को स्वीकारने को तैयार नहीं है।
दिल्ली में बहुगुणा गुट से जुड़े कुछ नेताओं की बैठक बृहस्पतिवार को हुई जिसमें इस मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध की रणनीति बनी है।
सूत्रों की मानें तो बुधवार देर रात किशोर उपाध्याय के नाम की घोषणा के बाद ही विजय बहुगुणा से जुड़े विधायकों ने लामबंदी शुरू कर दी थी।
हरीश समर्थक को अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज
बताते हैं बहुगुणा गुट के मंत्री हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, विजयपाल सजवाण आदि बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंच गए थे।
बताते हैं कि समर्थक विधायकों ने विजय बहुगुणा से स्पष्ट कहा है कि आप कांग्रेस के पक्ष में जो भी फैसला लेंगे हम सभी साथ होंगे। वहीं उत्तराखंड के कुछ नेताओं ने आलाकमान को भी अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है।
बहुगुणा खेमे का कोई नेता खुलकर तो कुछ नहीं कह रहा है लेकिन विरोध के स्वर जल्द ही सुनाई देंगे। एक नेता का कहना है कि ऐसा कैसे होगा कि सभी महत्वपूर्ण पदों पर रावत समर्थक ही हों।
तो इसलिए किशोर उपाध्याय बने अध्यक्ष
बहुगुणा गुट के प्रबल दावेदारों में विधायक सुबोध उनियाल और नवप्रभात शामिल थे। चूंकि नवप्रभात को हाल ही में सरकार ने अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी लिहाजा सुबोध उनियाल का दावा मजबूत माना जा रहा था।
अध्यक्ष की कुर्सी के लिए सुबोध ने सरकार से कोई अतिरिक्त पद नहीं लिया था। जबकि हरीश रावत खेमे ने राजनैतिक, जातीय और क्षेत्रीय समीकरण में सुबोध का दावा मजबूत देखते किशोर उपाध्याय का नाम आगे बढ़ा दिया।
किशोर को राहुल गांधी कैंप का भी करीबी माना जाता है। लिहाजा किशोर के नाम पर आसानी से सहमति बन गई।