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Dehradun News: आपदा प्रभावित अनाथ भाईयों को वक्फ बोर्ड ने दी 51 हजार की मदद
Sat, 08 Aug 2026 11:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:58 PM IST
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ग्राम भीमावाला में भारी बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवार और छत ढहने से बेघर हुए तीन अनाथ भाईयों (साहिल, इसराइल व सलमान) की मदद के लिए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने हाथ बढ़ाया। शनिवार को बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने गांव पहुंचकर पीड़ित बच्चों को 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।
चेयरमैन शम्स ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता कर शासन स्तर से भी बच्चों की हरसंभव सहायता की जाएगी। मौके पर पहुंचे विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें आपदा मद से मिलने वाली सरकारी मदद शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष खालिद मंसूरी ने इस पहल की सराहना की। इस मौके पर नवीन ठाकुर, संजय गुप्ता, गुलफाम अहमद व शराफत अली सहित कई लोग मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने श्रमदान से शुरू किया मकान का निर्माण
सरकारी राहत मिलने में लगने वाले समय को देखते हुए ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की। क्षेत्र पंचायत सदस्य सलमान गौर ने बताया कि बच्चों के पास रहने का कोई अन्य विकल्प नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने खुद ही आगे आकर श्रमदान के जरिए क्षतिग्रस्त मकान का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, ताकि बच्चों को जल्द सुरक्षित छत मिल सके।
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चेयरमैन शम्स ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता कर शासन स्तर से भी बच्चों की हरसंभव सहायता की जाएगी। मौके पर पहुंचे विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें आपदा मद से मिलने वाली सरकारी मदद शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष खालिद मंसूरी ने इस पहल की सराहना की। इस मौके पर नवीन ठाकुर, संजय गुप्ता, गुलफाम अहमद व शराफत अली सहित कई लोग मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने श्रमदान से शुरू किया मकान का निर्माण
सरकारी राहत मिलने में लगने वाले समय को देखते हुए ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की। क्षेत्र पंचायत सदस्य सलमान गौर ने बताया कि बच्चों के पास रहने का कोई अन्य विकल्प नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने खुद ही आगे आकर श्रमदान के जरिए क्षतिग्रस्त मकान का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, ताकि बच्चों को जल्द सुरक्षित छत मिल सके।
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