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वॉक इन इंटरव्यू से शिक्षकों की भर्ती में फंसा पेच
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों के करीब 4000 रिक्त पदों पर वॉक इन इंटरव्यूू (साझात्कार) के माध्यम से भर्ती की सरकार की मंशा फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सरकार इस योजना पर आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। ऐसे में सरकार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिर करने की तैयारी कर रही है।
बता दें, कुछ समय पूर्व सरकार ने विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर उसी ब्लॉक के योग्यता पूरी करने वाले निवासियों को वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से 11 माह के लिए तैनाती देने का दावा किया था। विद्यालय के प्रधानाचार्य और विद्यालय प्रबंधन समिति को इंटरव्यू के बाद नियुक्ति देने का अधिकार देने की बात की गई थी। इन पदों पर चुने जाने वाले संविदा शिक्षकों को 15 हजार रुपये नियत वेतनमान देने की घोषणा की गई थी। दरअसल सरकार ने यह घोषणा स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के लिए किया था। वहीं पूर्व में तैनात रहे अतिथि शिक्षकों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट पहले अतिथि शिक्षकों की भर्ती करने का आदेश देकर सरकार को फटकार लगा चुका है।
ऐसे में अब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पर आगे बढ़ने के बजाय इस मामले में एसएलपी दाखिल करने का फैसला लिया है। अतिथि शिक्षक भी सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करने की मांग सरकार से कर रहे हैं। विद्यालयी शिक्षा सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मामले में विधिक राय ली जा रही है। कोर्ट के आदेश पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
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जल्द मिलेंगे विद्यालयों को शिक्षक
विद्यालयी शिक्षा सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार राज्य के विद्यालयों को जल्द शिक्षक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 900 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। बहुत जल्द यह शिक्षक विभाग को मिल जाएंगे। उसके अलावा रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन आयोग को भेजे जा रहे हैं ताकि तेजी से भर्ती की जा सके।
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राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों के करीब 4000 रिक्त पदों पर वॉक इन इंटरव्यूू (साझात्कार) के माध्यम से भर्ती की सरकार की मंशा फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सरकार इस योजना पर आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। ऐसे में सरकार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिर करने की तैयारी कर रही है।
बता दें, कुछ समय पूर्व सरकार ने विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर उसी ब्लॉक के योग्यता पूरी करने वाले निवासियों को वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से 11 माह के लिए तैनाती देने का दावा किया था। विद्यालय के प्रधानाचार्य और विद्यालय प्रबंधन समिति को इंटरव्यू के बाद नियुक्ति देने का अधिकार देने की बात की गई थी। इन पदों पर चुने जाने वाले संविदा शिक्षकों को 15 हजार रुपये नियत वेतनमान देने की घोषणा की गई थी। दरअसल सरकार ने यह घोषणा स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के लिए किया था। वहीं पूर्व में तैनात रहे अतिथि शिक्षकों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट पहले अतिथि शिक्षकों की भर्ती करने का आदेश देकर सरकार को फटकार लगा चुका है।
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ऐसे में अब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पर आगे बढ़ने के बजाय इस मामले में एसएलपी दाखिल करने का फैसला लिया है। अतिथि शिक्षक भी सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करने की मांग सरकार से कर रहे हैं। विद्यालयी शिक्षा सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मामले में विधिक राय ली जा रही है। कोर्ट के आदेश पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
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जल्द मिलेंगे विद्यालयों को शिक्षक
विद्यालयी शिक्षा सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार राज्य के विद्यालयों को जल्द शिक्षक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 900 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। बहुत जल्द यह शिक्षक विभाग को मिल जाएंगे। उसके अलावा रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन आयोग को भेजे जा रहे हैं ताकि तेजी से भर्ती की जा सके।