पहले दिन लगातार कई बार स्थगित हुआ विस सत्र
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उत्तराखंड विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन पीडीएफ विधायक के
पीडीएफ विधायक के कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा हुआ। जिसकी वहज से सत्र की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक लगातार स्थगित होती रही। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पांच कंपनी पीएसी तैनात की गई। आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सत्र के दौरान सरकार की ओर से 16 विधेयक लाने की तैयारी है। हालांकि अभी 9 विधेयक ही पूरी तरह से तैयार हैं। सत्र के लिए करीब साढ़े आठ सौ तारांकित और अतारांकित सवाल विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने सोमवार दोपहर को कार्यमंत्रणा की बैठक बुलाई है। सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं।
रविवार शाम को भाजपा विधानमंडल की बैठक हुई, जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनी। कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक तो नहीं बुलाई गई, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर कांग्रेसी विधायकों को रात के भोजन पर बुलाया।
दूसरी ओर सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत, संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के अलावा सरकार के सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद थे।
विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि बैठक में सभी ने आश्वासन दिया है कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देंगे।
विशेष सत्र के लिए सरकार तैयार
उन्होंने बताया कि तारांकित और अतारांकित मिलाकर करीब साढ़े आठ सौ सवाल आए हैं। पांच दिन के सत्र में अधिक से अधिक सवालों को शामिल किया जाएगा। इंदिरा हृदयेश ने बताया कि सरकार 25 नवंबर को शाम चार बजे करीब दो हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी। इस पर 26 को सदन की मुहर लगेगी।
गैरसैंण के विशेष सत्र में शिक्षा और कृषि पर फोकस रखा गया था। विपक्ष अगर इसे आगे बढ़ाना चाहेगा तो राज्य के लिए अति महत्वपूर्ण इन दोनों विषयों पर चर्चा कराई जाएगी। इसके लिए अलग से विशेष सत्र बुलाने की बात होगी तो उसके लिए भी सरकार तैयार है।
- हरीश रावत, मुख्यमंत्री
सभी दलों के सदस्यों से अपेक्षा की गई है। सदन शांतिपूर्ण और गरिमा के साथ चले। ताकि प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों और विधायकों के क्षेत्रों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय मिले और कुछ निष्कर्ष निकले।
- गोविंद सिंह कुंजवाल, विधानसभा अध्यक्ष