{"_id":"65da4c02f41ad7df530232f8","slug":"video-of-indecency-with-women-in-banbhulpura-is-false-police-dehradun-news-c-5-1-drn1030-357389-2024-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनभूलपुरा में महिलाओं से अभद्रता का वीडियो झूठा : पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनभूलपुरा में महिलाओं से अभद्रता का वीडियो झूठा : पुलिस
विज्ञापन
I
II
I
I
I
Iवीडियो में पुलिस को महिलाओं के साथ अभद्रता करने दिखाया गया है
I
Iहल्द्वानी के हिंसाग्रस्त बनभूलपुरा में पुलिस ने किसी महिला से अभद्रता नहीं की है। इस तरह के वायरल हो रहे एक वीडियो का पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस प्रवक्ता ने इस संबंध में आज पटेलभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई साक्ष्य हैं तो वह प्रचलित मजिस्ट्रीयल जांच में उसे प्रस्तुत कर सकता है। पुलिस इस पर कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
I
Iबता दें कि गत आठ फरवरी को हिंसा के बाद तमाम वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। इनमें कुछ वीडियो ऐसे भी है जिसमें पुलिस महिलाओं से अभद्रता करते दिखाई दे रही है। लेकिन, पुलिस प्रवक्ता निलेश आनंद भरणे ने इस संबंध में पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह वीडियो निराधार है। पुलिस वहां पर अपने ध्येय के साथ काम कर रही है। पुलिस को अपने ध्येय पर गर्व है। कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पुलिस कानून का पालन करने वाले सभी नागरिकों विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ शिष्टाचार और स्नेह के साथ पेश आती है। इसके साथ ही पुलिस महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के प्रति शून्य सहिष्णुता पर काम करती है।
I
Iउन्होंने अपील की है कि यदि किसी के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वह मजिस्ट्रीयल जांच में इन्हें आयुक्त कुमाऊं मंडल और पुलिस अधिकारियों को दे सकता है। इस पर पुलिस त्वरित और कानून के तहत कार्रवाई करेगी। उत्तराखंड पुलिस कानून के अनुसार नागरिकों के सम्मान व उनके हितों की रक्षा के लिए कार्य करने का संकल्प रखती है। उन्होंने सोशल मीडिया के ऐसे किसी भी दावे की पड़ताल करने की भी अपील जनता से की है।I
विज्ञापन
विज्ञापन
II
I
I
I
Iवीडियो में पुलिस को महिलाओं के साथ अभद्रता करने दिखाया गया है
I
Iहल्द्वानी के हिंसाग्रस्त बनभूलपुरा में पुलिस ने किसी महिला से अभद्रता नहीं की है। इस तरह के वायरल हो रहे एक वीडियो का पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस प्रवक्ता ने इस संबंध में आज पटेलभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई साक्ष्य हैं तो वह प्रचलित मजिस्ट्रीयल जांच में उसे प्रस्तुत कर सकता है। पुलिस इस पर कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
I
Iबता दें कि गत आठ फरवरी को हिंसा के बाद तमाम वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। इनमें कुछ वीडियो ऐसे भी है जिसमें पुलिस महिलाओं से अभद्रता करते दिखाई दे रही है। लेकिन, पुलिस प्रवक्ता निलेश आनंद भरणे ने इस संबंध में पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह वीडियो निराधार है। पुलिस वहां पर अपने ध्येय के साथ काम कर रही है। पुलिस को अपने ध्येय पर गर्व है। कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पुलिस कानून का पालन करने वाले सभी नागरिकों विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ शिष्टाचार और स्नेह के साथ पेश आती है। इसके साथ ही पुलिस महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के प्रति शून्य सहिष्णुता पर काम करती है।
विज्ञापन
I
Iउन्होंने अपील की है कि यदि किसी के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वह मजिस्ट्रीयल जांच में इन्हें आयुक्त कुमाऊं मंडल और पुलिस अधिकारियों को दे सकता है। इस पर पुलिस त्वरित और कानून के तहत कार्रवाई करेगी। उत्तराखंड पुलिस कानून के अनुसार नागरिकों के सम्मान व उनके हितों की रक्षा के लिए कार्य करने का संकल्प रखती है। उन्होंने सोशल मीडिया के ऐसे किसी भी दावे की पड़ताल करने की भी अपील जनता से की है।I
विज्ञापन