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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : दून विश्वविद्यालय के कुलपति कार्य से विरत, इस वजह से हटाया
Wed, 11 Dec 2019 08:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 11 Dec 2019 08:30 AM IST
सार
- योग्यता पूरी न करने पर हाईकोर्ट ने हटाया, विश्वविद्यालय पहुंचा आदेश
- विवि ने राजभवन को भेजी आदेश की कॉपी, कुलपति पर जल्द होगा फैसला
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
विस्तार
दून विश्वविद्यालय के कुलपति कार्य से विरत हो गए हैं। मंगलवार को विवि में हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी पहुंच गई। लिहाजा, कुलपति ने काम बंद कर दिया है। उधर, विवि प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी राज्यपाल एवं विवि की कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य के पास भेज दी है।
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बीते सप्ताह हाईकोर्ट ने दून विवि के कुलपति प्रो. सीएस नौटियाल की नियुक्ति को निरस्त कर दिया था। साथ ही न्यायालय ने सरकार को जल्द नई सर्च कमेटी गठित कर नियमों के तहत नए कुलपति की नियुक्ति करने के आदेश दिए थे। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने दून निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक यज्ञभूषण शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया था।
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मंगलवार को हाईकोर्ट के इस आदेश की कॉपी दून विश्वविद्यालय में पहुंच गई। आदेश के आधार पर कुलपति कार्य से विरत हो गए हैं। अब वह इस पद पर काम नहीं करेंगे। हालांकि यह भी संभावना है कि वह इस आदेश के खिलाफ अपर कोर्ट जाएं। इस मामले पर उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। हालांकि कुलपति के कार्य से विरत होने के बाद अभी तक किसी और के पास इस पद का चार्ज नहीं आया है।
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राजभवन लेगा फैसला
हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी दून विश्वविद्यालय कुलसचिव की ओर से राजभवन को भेजी गई है। इस आदेश के तहत अब राजभवन को फैसला लेना है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य दून विवि की कुलाधिपति हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई फैसला नहीं हुआ था।
हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी प्राप्त हो गई है। आदेश के तहत कुलपति कार्य से विरत हो गए हैं। अब राजभवन और शासन के निर्देशों का इंतजार है।
- डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल, कुलसचिव, दून विश्वविद्यालय