फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   vehicles permit releasing process will change in uttarakhand

बदलने वाली है वाहनों के परमिट लेने की व्यवस्था, अब इस तरह से होंगे जारी

Fri, 10 Nov 2017 06:15 PM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 10 Nov 2017 06:15 PM IST
विज्ञापन
vehicles permit releasing process will change in uttarakhand

परिवहन विभाग जल्द ही वाहनों के परमिट लेने की व्यवस्था को बदलने वाला है। इसके लिए अब इस तरह से परमिट जारी किए जाएंगे।

विज्ञापन


 राज्य गठन के 17 साल बाद भी परिवहन विभाग मोटर वाहन अधिनियम-1988 को ताक पर रखकर स्टेट वाहन परमिट आरटीए (संभाग स्तर) की जगह देहरादून (एसटीए) से बांट रहा है। लेकिन अब यह व्यवस्था बदलने वाली है।

परिवहन मंत्री ने इस बात का संज्ञान लिया है। इससे आने वाले दिनों में खासकर पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों के वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर ही स्टेट वाहन परमिट मिल सकेंगे।
विज्ञापन


राज्य सरकार संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में ही टैक्सी आदि के लिए ऑल स्टेट और ऑल इंडिया परमिट देने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। प्रदेश में वाहनों को परमिट देने की दोहरी व्यवस्था है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें संभाग स्तर पर संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) और राज्य स्तर पर राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की व्यवस्था है। अभी कुमाऊं के लोगों को परमिट के लिए हल्द्वानी और गढ़वाल मंडल में वाहन संचालित करने के लिए देहरादून और पौड़ी से परमिट मिलता है।

क्या है नियम, कैसे होगा लाभ

vehicles permit releasing process will change in uttarakhand

अगर किसी को राज्य स्तर या फिर ऑल इंडिया स्तर पर परमिट चाहिए तो उसे देहरादून में एसटीए में आवेदन करना पड़ता है। ऐसे में पिथौरागढ़, चमोली समेत दूरस्थ क्षेत्र के लोग देहरादून के चक्कर काटते हुए एजेंटों के माध्यम से काम कराते हैं, इसमें काफी राशि एजेंटों को देनी पड़ती है।

जबकि मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा-69 के परमिटों के लिए आवेदन संबंधी उपबंध में साफ है कि यह परमिट आरटीए के माध्यम से ही दिया जाना चाहिए। जबकि राज्य बनने के बाद भी राज्य सरकार ने ऐसा कोई भी नोटिफिकेशन, शासनादेश, कार्यालय आदेश नहीं किया है, जिसमें ऑल स्टेट या ऑल इंडिया परमिट के लिए लोगों को देहरादून से ही परमिट दिए जाने का उल्लेख हो। इसके बाद भी 17 साल से यह व्यवस्था अवैध रूप से लागू है। इस मामले में परिवहन अधिकारियों ने ‘रहस्यमय चुप्पी’ साधी हुई है।

क्या है नियम, कैसे होगा लाभ
मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा-69 के अनुसार दो या दो से अधिक संभाग होने पर आवेदक वहां पर आवेदन कर सकता है, जहां उसका घर हो या फिर जिस रूट पर उसे वाहन संचालित करना हो। मसलन अगर अल्मोड़ा का रहने वाला व्यक्ति चारधाम यात्रा रूट पर वाहन परमिट चाहता है, तो वह आरटीए, अल्मोड़ा में आवेदन कर सकता है। उसे देहरादून आने की जरूरत नहीं होगी।

यूपी में पहले ही है यह व्यवस्था

vehicles permit releasing process will change in uttarakhand

यूपी में पहले ही है यह व्यवस्था
राज्य में उलटी व्यवस्था लागू है। पर्वतीय राज्य और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को क्षेत्रीय स्तर पर सुविधा प्रदान करनी चाहिए, तो वहीं नियम विरुद्ध होने के बाद भी लोगों को सालों से देहरादून आने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जबकि यूपी जैसे मैदानी राज्य में 23 अगस्त 2012 में ही आरटीए को ऑल स्टेट ही नहीं बल्कि, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट तक स्वीकृत करने, नवीनीकरण से लेकर रद्द तक करने का अधिकार प्राप्त है।

मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का परीक्षण कराया गया है। आरटीए के माध्यम से स्टेट वाहन का परमिट देने की ही व्यवस्था है। इसके अलावा यूपी जैसा मैदानी राज्य लोगों की सुविधा के लिए क्षेत्रीय स्तर पर ऑल इंडिया परमिट देने की व्यवस्था को लागू कर चुका है। यहां, पर्वतीय राज्य और विषम भौगोलिक परिस्थितियां होने के बाद भी लोगों को देहरादून में परमिट के लिए बुलाना उचित नहीं है। इस व्यवस्था में बदलाव करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जल्द ही मामले पर बैठक की जाएगी।
- यशपाल आर्य, परिवहन मंत्री
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed