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मलयेशिया में फंसे उत्तराखंड के 9 युवक लौटे देश

Fri, 14 Aug 2015 09:39 AM IST
ब्यरो/अमर उजाला, नई दिल्ली, देहरादून
ब्यरो/अमर उजाला, नई दिल्ली, देहरादून Updated Fri, 14 Aug 2015 09:39 AM IST
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uttarkhand youth, stranded in Malaysia, safely back.

मलयेशिया में फंसे उत्तराखंड के 9 युवक बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंच गए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की पहल पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सक्रियता से नागरिकों को वीजा अवधि खत्म होने से पहले वापस लाया जा सका। 14 अगस्त को इन युवकों की वीजा अवधि समाप्त हो रही थी।

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राज्य सरकार की तरफ से इन युवाओं के वापसी के ई-टिकट भेजे गए थे। बृहस्पतिवार को यह युवक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें राज्य सरकार की ओर से स्थानिक आयुक्त एसडी शर्मा और प्रोटोकाल अधिकारी ने रिसीव किया।
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मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मलयेशिया में फंसे उत्तराखंड के युवाओं की सकुशल वापसी के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्वयं पहल की थी।
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इसके लिए विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर त्वरित कार्यवाही का अनुरोध किया गया। सरकार ने दिल्ली में तैनात स्थानिक आयुक्त को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी। स्थानिक आयुक्त लगातार विदेश मंत्रालय और मलयेशिया उच्च आयुक्त के संपर्क में थे।

होटल मालिक ने पासपोर्ट देने से कर दिया था इनकार

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दरअसल, मलयेशिया के कानून के अनुसार वहां नौकरी के लिए जाने वाले विदेशियों के पासपोर्ट नियोक्ता के पास जमा हो जाते हैं। जब तक नियोक्ता एनओसी के साथ पासपोर्ट ना दे तब तक कोई वापस नहीं लौट सकता।

यदि कोई बगैर एनओसी वापस आने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। पिछले साल मलयेशिया के एक होटल में नौकरी करने गए 11 भारतीय युवक वहां फंस गए थे।

यह युवक वापस आने चाहते थे, लेकिन होटल मालिक ने पासपोर्ट और एनओसी देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद ये युवक वहां फंस गए थे। इन नागरिकों की वीजा अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो रही थी, जिसके बाद इनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं।

ये हैं सुरक्षित देश लौटने वाले उत्तराखंड के युवक

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स्वदेश लौटने वालों में कीर्तिनगर विकास खंड के चौरास संगम विहार निवासी अरविंद सिंह नेगी पुत्र भगवान सिंह नेगी, ब्रजमोहन सिंह निवासी रुद्रप्रयाग, कमल सिंह बिष्ट निवासी लोहाघाट (चंपावत), प्रतापनगर तहसील के पणसूत गांव निवासी सजेंद्र उनियाल पुत्र दर्शन लाल, थौलधार ब्लॉक के कौंसल गांव निवासी विजय पाल भंडारी पुत्र जय सिंह भंडारी, महेंद्र सिंह नेगी निवासी देहरादून, अरविंद सिंह कैंतुरा और प्रकाश सिंह समेत उत्तराखंड के नौ युवक शामिल हैं।

एयरपोर्ट डोबरा-चांठी पुल बनाओ संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक व भाजपा नेता राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने भी युवकों का स्वागत किया। इन युवाओं ने मुख्यमंत्री हरीश रावत, सांसद भुवन चंद्र खंडूरी और राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली का आभार जताया।

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