Uttarkashi Forest Fire: ज्ञानसू के ऊपरी वन क्षेत्र में लगी भीषण आग, एसडीआरएफ की टीम रवाना
उत्तरकाशी वन प्रभाग में वनाग्नि की घटनाओं ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले साल जहां फायर सीजन के दौरान वनाग्नि की 6 घटनाएं दर्ज की गई थीं। वहीं इस फायर सीजन के ढाई महीने में ही 21 घटनाएं रिकॉर्ड की जा चुकी है।
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उत्तरकाशी में भी वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गुरुवार रात जिला मुख्यालय में ज्ञानसू क्षेत्र के ऊपर वन क्षेत्र में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।
इस फायर सीजन के ढाई महीने में वनाग्नि की 21 घटनाएं
उत्तरकाशी वन प्रभाग में वनाग्नि की घटनाओं ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले साल जहां फायर सीजन के दौरान वनाग्नि की 6 घटनाएं दर्ज की गई थीं। वहीं इस फायर सीजन के ढाई महीने में ही 21 घटनाएं रिकॉर्ड की जा चुकी है। जिसमें 13.75 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो चुका है।
प्रति वर्ष 15 फरवरी से 15 जून तक समय फायर सीजन का होता है। इस दौरान क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएं होती है। इन घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग कंट्रोल बर्निंग जैसे गतिविधियां भी करता है, लेकिन साल दर साल बढ़ते तापमान के कारण वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। उत्तरकाशी वन प्रभाग की छह रेंजों में पिछले साल वनाग्नि की 6 घटनाएं थीं। जिसमें 2.25 हेक्टेयर जंगल जला था। इस बार यह आंकड़ा ढाई महीने में ही तीन गुना से अधिक पहुंच चुका है।
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उत्तरकाशी वन प्रभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 21 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। जिसमें 13.75 हेक्टेयर वन क्षेत्र में अमूल्य वन संपदा जलकर राख हो गई है। ये आंकड़े भी तब हैं वन विभाग ने वनाग्नि की घटनाएं दर्ज करने में कंजूसी की है। यह फायर सीजन की शुरुआत में ही सामने आ गया था। जब चारों तरफ वनाग्नि की घटनाएं घट रही थी और वन विभाग के रिकॉर्ड में एक भी घटना दर्ज नहीं थी।
बड़ेथी के पास धू-धूकर जला जंगल
उत्तरकाशी वन प्रभाग में वनाग्नि की घटनाएं नहीं थम रही है। मुखेम रेंज, बाड़ाहाट रेंज में एक बाद एक वनाग्नि की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीते बुधवार शाम को बड़ेथी के पास वन क्षेत्र में आग लगी रही है। जिससे अमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका है।