Uttarkashi Disaster: सैलाब ने सब किया तबाह...मां-बाप के साथ दून आने की जिद ने बचाई परिवार की जान
जाह्नवी इसी साल 12वीं परीक्षा पास करने के बाद ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में बीए ऑनर्स में प्रवेश लेने देहरादून आई थी। इसके चलते जाह्नवी ने मां-बाप को अपने साथ विवि ले जाने की जिद की।
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बीती पांच अगस्त को उत्तरकाशी के धराली में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि हर कोई सहम गया। वहीं धराली निवासी जाह्नवी पंवार की परिवार संग दून आने की जिद ने पूरे परिवार को इस तबाही से बचा लिया। हालांकि आपदा में जाह्नवी के पिता का होटल और घर पूरी तरह से मलबे में दब गया।
दरअसल जाह्नवी इसी साल 12वीं परीक्षा पास करने के बाद ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में बीए ऑनर्स में प्रवेश लेने देहरादून आई थी। इसके चलते जाह्नवी ने मां-बाप को अपने साथ विवि ले जाने की जिद की। उधर ग्राफिक एरा की ओर से जाह्नवी की पूरी शिक्षा निशुल्क करने की घोषणा की गई है।
जाह्नवी ने बताया, जब धराली में आपदा आई उस वक्त उनके माता-पिता उनके साथ थे लेकिन इस आपदा में उनके पिता का 40 कमरों वाला होटल, घर और सेब का बगीचा पूरी तरह तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि उनकी जिद पर मम्मी-पापा उनके साथ देहरादून न आए होते तो न जाने क्या हो जाता।
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ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने कहा, अब जाह्नवी से किसी सेमेस्टर में कोई फीस नहीं ली जाएगी। कहा, धराली आपदा से पीड़ित अन्य परिवारों के बच्चों के संबंध में भी जानकारी मिलेगी तो उनके संबंध में भी इस तरह के निर्णय करने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जोशीमठ की आपदा से प्रभावित छात्र-छात्राओं को ग्राफिक एरा में बीटेक से लेकर पीएचडी तक की शिक्षा निशुल्क दी जा रही है। रैंणी (जोशीमठ) की आपदा से बेघर हुई वृद्धा को ग्राफिक एरा ने मकान बनाकर दिया है।