फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarkashi Disaster: insistence of coming to Doon with parents saved the life of the family

Uttarkashi Disaster: सैलाब ने सब किया तबाह...मां-बाप के साथ दून आने की जिद ने बचाई परिवार की जान

Mon, 11 Aug 2025 08:05 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 11 Aug 2025 08:05 PM IST
सार

जाह्नवी इसी साल 12वीं परीक्षा पास करने के बाद ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में बीए ऑनर्स में प्रवेश लेने देहरादून आई थी। इसके चलते जाह्नवी ने मां-बाप को अपने साथ विवि ले जाने की जिद की।

विज्ञापन
Uttarkashi Disaster: insistence of coming to Doon with parents saved the life of the family
जाह्नवी अपने माता पिता के साथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बीती पांच अगस्त को उत्तरकाशी के धराली में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि हर कोई सहम गया। वहीं धराली निवासी जाह्नवी पंवार की परिवार संग दून आने की जिद ने पूरे परिवार को इस तबाही से बचा लिया। हालांकि आपदा में जाह्नवी के पिता का होटल और घर पूरी तरह से मलबे में दब गया।

विज्ञापन


दरअसल जाह्नवी इसी साल 12वीं परीक्षा पास करने के बाद ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में बीए ऑनर्स में प्रवेश लेने देहरादून आई थी। इसके चलते जाह्नवी ने मां-बाप को अपने साथ विवि ले जाने की जिद की। उधर ग्राफिक एरा की ओर से जाह्नवी की पूरी शिक्षा निशुल्क करने की घोषणा की गई है।
विज्ञापन


जाह्नवी ने बताया, जब धराली में आपदा आई उस वक्त उनके माता-पिता उनके साथ थे लेकिन इस आपदा में उनके पिता का 40 कमरों वाला होटल, घर और सेब का बगीचा पूरी तरह तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि उनकी जिद पर मम्मी-पापा उनके साथ देहरादून न आए होते तो न जाने क्या हो जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन


Uttarkashi Disaster: 98 आपदा प्रभावित परिवारों को पांच-पांच लाख की सहायता राशि दी, सीएम ने की थी घोषणा

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने कहा, अब जाह्नवी से किसी सेमेस्टर में कोई फीस नहीं ली जाएगी। कहा, धराली आपदा से पीड़ित अन्य परिवारों के बच्चों के संबंध में भी जानकारी मिलेगी तो उनके संबंध में भी इस तरह के निर्णय करने पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जोशीमठ की आपदा से प्रभावित छात्र-छात्राओं को ग्राफिक एरा में बीटेक से लेकर पीएचडी तक की शिक्षा निशुल्क दी जा रही है। रैंणी (जोशीमठ) की आपदा से बेघर हुई वृद्धा को ग्राफिक एरा ने मकान बनाकर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed