फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarkashi Disaster Finding now will be done through mobile location In Dharali

Uttarkashi Disaster: लापता लोगों का पता लगाना बड़ी चुनौती...अब मोबाइल लोकेशन से की जाएगी तलाश

Wed, 13 Aug 2025 05:00 AM IST
अलका त्यागी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 13 Aug 2025 05:00 AM IST
सार

अभी जो लोग अपनों के लापता होने का दावा कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से उसे दर्ज किया जा रहा है। उनकी ओर से अपने परिजनों का जो नंबर दिया गया है, उसके मूवमेंट को देखा जाएगा।

विज्ञापन
Uttarkashi Disaster Finding now will be done through mobile location In Dharali
धराली में आपदा से आया मलबा में दबे मकान - फोटो : जागरूक पाठक

विस्तार

धराली आपदा में अब मोबाइल की लोकेशन से लापता लोगों का पता लगाया जाएगा। नंबर के आधार पर संबंधित के मूवमेंट को देखा जाएगा। इसके बाद उसकी जांच होगी। आपदा के बाद से ही नेपाल, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों से लोग अपनों की तलाश में धराली पहुंच रहे हैं। जो लापता लोगों के बारे में अलग-अलग दावे कर रहे हैं। धराली में पांच अगस्त को आई आपदा के बाद से अब तक 1308 यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

विज्ञापन


प्रशासन ने अब तक अधिकारिक रूप से 68 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन के मुताबिक लापता लोगों की पुष्टि के लिए मोबाइल की लोकेशन देखी जाएगी।
विज्ञापन


मोबाइल के टावर में सूचना रहती है। आपदा के दिन पांच अगस्त की सूचना को देखा जाएगा। अभी जो लोग अपनों के लापता होने का दावा कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से उसे दर्ज किया जा रहा है। उनकी ओर से अपने परिजनों का जो नंबर दिया गया है, उसके मूवमेंट को देखा जाएगा। मोबाइल नंबर के लिए दर्ज पते को भी देखा जाएगा। इसके बाद संबंधित जिलों से इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


Uttarkashi Disaster: 68 लोगों के लापता होने की पुष्टि, हर्षिल में झील भी बनी चुनौती, खोजबीन और बचाव कार्य जारी

ठेकेदारों के रिकॉर्ड को देखने के साथ ही विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गृह सचिव शैलेश बगौली बताते हैं कि लापता लोगों की मोबाइल लोकेशन के साथ ही जिला प्रशासन से भी जांच कराई जाएगी।

लापता लोगों का पता लगाना बड़ी चुनौती
सेना, स्पेशल फोर्सेज, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, बीआरओ सहित कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियां राहत और बचाव के काम में लगी हैं। शासन-प्रशासन के सामने लापता लोगों का पता लगाना बड़ी चुनौती है।

आम तौर पर कोई नहीं कहता कि आपदा में उनके परिजन लापता है या उनकी मौत हो गई है। यही वजह है कि प्रथम दृष्टया हम उसे सही मान लेते हैं। इसके बाद इसकी जांच कराई जाएगी।
विनोद कुमार सुमन, सचिव आपदा प्रबंधन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed