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Uttarkashi Disaster: बिजनौर के लेखराज 18 साल के बेटे को ढूंढने के लिए भटक रहे, रक्षाबंधन पर करते रहे इंतजार

Thu, 14 Aug 2025 10:15 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, धराली
संवाद न्यूज एजेंसी, धराली Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 14 Aug 2025 10:15 AM IST
सार

धराली आपदा में न जाने कितने परिवार बिखर गए। लोग अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।  बिजनौर के लेखराज भी अपने बेटे को ढूंढने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

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Uttarkashi Dharali Disaster Bijnor Lekhraj is wandering to find his 18-year-old son
बिजनौर के लेखराज अपने बेटे को ढूंढने को पहुंचे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बिजनौर के 18 वर्षीय योगेश धराली में मजदूरी करने आया था लेकिन उसका अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। उसके पिता लेखराज पिछले करीब पांच दिन से जगह-जगह अपने बेटे की तलाश कर रहे हैं लेकिन कहीं पर किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के लिए उनके बेटे को घर आना था लेकिन वह आज तक नहीं लौट पाया।

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बिजनौर के गजरौला चांदपुर निवासी लेखराज पहले उत्तरकाशी में मातली हेलिपैड अपने 18 वर्षीय बेटे की जानकारी लेते रहे। उसके बाद वह किसी प्रकार दो दिन हेली सेवा के माध्यम से हर्षिल पहुंचे लेकिन यहां पर कोई भी उनके बेटे की कोई सही जानकारी नहीं दे पा रहा है। वह कभी पुलिस थाने तो कभी मोबाइल नेटवर्क के कर्मचारियों के चक्कर काट रहे हैं कि क्या पता उनके बेटे की कुछ लोकेशन पता लग पाए।

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दो ठेकेदारों के साथ धराली में मजदूरी करने आया था
लेखराज ने बताया कि उनका बेटा कुछ दिन पहले ही दो ठेकेदारों के साथ धराली में मजदूरी का कार्य करने आया था। उससे तीन अगस्त को बात हुई तो उसने बताया कि वह रक्षाबंधन के लिए घर आएगा लेकिन अभी ठेकेदारों ने उसका पैसा नहीं दिया था। उसके बाद से उससे बात नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अपने भाई के घर पर इंतजार ही करती रह गई। उसके बाद वह भी आठ अगस्त को उत्तरकाशी पहुंचे।

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वहां पर उन्होंने मातली हेलिपैड पर अपने बेटे की जानकारी लेनी चाही लेकिन कुछ न मिलने पर स्थानीय विधायक की मदद से हेली सेवा के माध्यम हर्षिल पहुंचे। उसके बाद से वे धराली, हर्षिल में अपने बेटे की तस्वीर लेकर उसकी जानकारी ले रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार भी किसी प्रकार की जानकारी नहीं दे रहे हैं।

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