उत्तरकाशी मारपीट मामला: ग्रामीणों व करणी सेना ने किया थाने का घेराव, मोरी और नेटवाड़ बाजार रहे बंद
करणी सेना व ग्रामीणों ने अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई प्रकरण में सवर्ण युवकों पर किए गए मुकदमे वापस लिए जाने व भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल की गिरफ्तारी की मांग के लिए प्रदर्शन किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रदर्शन करने के साथ ही थाने का घेराव किया। विरोध में मोरी व नेटवाड़ के बाजार भी बंद रहे। ग्रामीणों ने मोरी थाने में प्रदर्शन कर सवर्ण युवओं पर किए गए मुकदमे वापस लिए जाने की मांग के लिए नारेबाजी की। समाचार लिखे जाने तक आंदोलनकारी थाने में धरने पर डटे हुए हैं।
मोरी क्षेत्र में स्थितियां सामान्य नहीं हो पा रही है। अब सवर्ण ग्रामीणों के समर्थन में करणी सेना भी उतर गई है। सोमवार सुबह मोरी क्षेत्र में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर शक्ति सिंह कार्यकर्ताओं के साथ यहां पहुंचे। यहां करणी सेना व ग्रामीणों ने अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई प्रकरण में सवर्ण युवकों पर किए गए मुकदमे वापस लिए जाने व भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल की गिरफ्तारी की मांग के लिए प्रदर्शन किया गया।
आंदोलित ग्रामीणों व करणी सेना ने थाने का भी घेराव किया। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर शक्ति सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह ने कहा कि मंदिर के ठाणी ने पहले थाने में पहुंचकर तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय तहरीर लेने से ही इंकार कर दिया। मंजीत सिंह की गिरफ्तारी की मांग के लिए ग्रामीण पूरे दिन थाने में डटे रहे।
पुलिस को तहरीर, एसडीएम को ज्ञापन
ग्रामीण प्रदर्शनकारियों ने मोरी थानाध्यक्ष मोहन सिंह कठैत को कौल केदारी मंदिर समिति की ओर से एक तहरीर भी दी जिसमें ग्रामीणों ने आयुष के खिलाफ कौल महाराज के मंदिर के अंदर मूर्तियों को खंडित कर गर्भगृह में घुसकर मंदिर की गरिमा भंग कर धार्मिक भावनाएं आहत करने, ठाणी (मंदिर की देखरेख करने वाला व्यक्ति) के साथ मारपीट एवं मंदिर से चोरी करने के प्रयास के आरोप में शिकायत की है।
वहीं प्रदर्शनकारियों ने एक ज्ञापन एसडीएम पुरोला जितेंद्र कुमार को भी दिया है जिसमें एसी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए बैनोल गांव के जिन पांच युवाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है उसे वापस लेने, भीम आर्मी के मंजीत को गिरफ्तार करने, जिन सरकारी कर्मचारियों/ अध्यापकों ने मामले को तूल दिया है उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने, आयुष के खिलाफ मंदिर में आस्था के प्रतीकों को खंडित करने एवं चोरी के प्रयास में मुकदमा दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की है।