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उत्तराखंड चुनाव 2022: चुनावी साल में खर्च में रफ्तार चाहती है सरकार, विभागों को मिला 49 प्रतिशत बजट
Sun, 17 Oct 2021 02:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 17 Oct 2021 02:04 PM IST
सार
प्रदेश की भाजपा सरकार ने जारी वित्तीय वर्ष के बजट को विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया था। विकास और कल्याणकारी नई योजनाओं के लिए बजटीय प्रावधान किए गए।
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- फोटो : PIXABAY
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विस्तार
चुनावी साल में प्रदेश सरकार चाहती है कि विभाग शासन स्तर से हो विभागों को जो बजट जारी हो रहा है, उतनी ही तेजी धनराशि का इस्तेमाल भी हो, लेकिन वित्त विभाग के आंकड़े विभागों की सुस्त रफ्तार की कहानी बयान कर रहे हैं।
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विभागों को 49 प्रतिशत बजट जारी हो चुका है, जिसके सापेक्ष खर्च की रफ्तार 40.49 प्रतिशत ही है। मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव वित्त की ओर से विभागों को बजट के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश लगातार जारी हो रहे हैं।
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प्रदेश की भाजपा सरकार ने जारी वित्तीय वर्ष के बजट को विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया था। विकास और कल्याणकारी नई योजनाओं के लिए बजटीय प्रावधान किए गए। वाह्य सहायतित और केंद्र पोषित योजनाओं में भी बजट की व्यवस्था की गई, लेकिन वित्तीय वर्ष की पहली छमाही तक खर्च की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं है। आठ विभाग ऐसे हैं जिन्होंने उपलब्ध बजट की तुलना में 30 फीसदी से भी कम बजट इस्तेमाल किया है। जबकि 22 विभागों ने 40 फीसदी से भी कम खर्च किया है।
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आंकड़ों में बजट खर्च की हकीकत
31112 करोड़ रुपये बजट मंजूर कर चुका है शासन
12597 करोड़ रुपये ही विभाग अब तक खर्च कर सके
49 प्रतिशत धनराशि जारी हो चुकी है बजट प्रावधान के सापेक्ष
40.49 प्रतिशत धनराशि ही विभाग अब तक खर्च कर सकेंगे
(स्रोत: वित्त विभाग: अगस्त महीने तक आंकड़े)
बजट खर्च में फिसड्डी विभाग
विभाग - खर्च प्रतिशत
राज्य संपत्ति - 0.0
कला व संस्कृति - 12.34
कार्मिक - 17.53
सचिवालय प्रशासन -17.75
आवास - 18.22
(नोट : जितनी धनराशि मिली, उसके सापेक्ष खर्च)
बजट खर्च में सबसे आगे
विभाग - खर्च प्रतिशत
ऊर्जा - 100.00
गन्ना विकास - 93.28
शहरी विकास - 91.97
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति - 61.09
ग्रामीण निर्माण विभाग - 57.64
(नोट: जितनी धनराशि मिली, उसके सापेक्ष खर्च)
जिला योजना का 58 प्रतिशत बजट खर्च
जिला योजना के तहत खर्च की रफ्तार विभागों से तेज है। अगस्त महीने तक उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष विभागों ने 58 प्रतिशत खर्च कर दिया था। शासन ने जिला योजना के लिए 698 करोड़ के सापेक्ष 500 करोड़ जारी किए। जारी बजट के सापेक्ष 290.88 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। खर्च के मामले में 80.49 प्रतिशत के साथ नैनीताल सबसे आगे है। खर्च के मामले में हरिद्वार जिला 20.46 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे है।
करोड़ों का प्रावधान, एक पाई भी स्वीकृत नहीं
वाह्य सहायतित योजनाओं (ईएपी) में सरकार ने करोड़ों रुपये का प्रावधान किया लेकिन कुछ योजनाओं में अभी तक एक पाई भी जारी नहीं की। इनमें एडीबी व विश्व बैंक सहायितत योजना के तहत सड़कों के निर्माण के लिए बजट का बजट प्रावधान था। नगरीय अवस्थापना का सुदृढ़ीकरण के लिए 187.75 करोड़, उद्यान विभाग की योजना के लिए 10 करोड़, जमरानी बांध के लिए 20 करोड़ वर्क फोर्स डेवलपमेंट फार मॉडर्न इकोनॉमी के लिए 165 करोड़, उत्तराखंड लोक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना के लिए 40 करोड़ का प्रावधान किया गया, जिसमें से पिछले माह तक एक पैसा स्वीकृत नहीं हुआ।