दुबई गए उत्तराखंड के युवक ने की आत्महत्या, वजह बेहद दर्दभरी
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काम की तलाश में गए दुबई की चकाचौंध भरी दुनिया में पहुंचा भारतीय युवक इस कदर टूटा कि दुनिया से मुंह मोड़ लिया। 11 माह पहले टूरिस्ट वीजा पर दुबई गए उत्तराखंड के सुल्तानपुर पट्टी के इसरार ने काम न मिलने पर आत्महत्या कर ली।
दुबई के बिजनेसमैन और मूलरूप से देहरादून के रहने वाले समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने उसके शव को अपने खर्च पर घर तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। रतूड़ी फेसबुक व व्हाट्सएप के माध्यम से युवक के परिजनों से संपर्क कर पाए।
दुबई से रतूड़ी ने फोन पर बताया कि बाजपुर के रम्पुरा शाकर सुल्तानपुर पट्टी जिला ऊधमसिंह नगर निवासी इसरार हुसैन पुत्र शमशाद हुसैन ने काम नहीं मिलने पर 29 दिसंबर 2016 को आत्महत्या कर ली।
उन्होंने बताया कि फेसबुक और व्हाट्सएप की मदद से उसके घर का पता मिला और गांव के प्रधान कदीर अहमद को फोन पर घटना की जानकारी दी।
दुबई एंबेसी ने शव भेजने के लिए मांगी एनओसी
बताया कि दुबई एंबेसी के पास इसरार के विजिट वीजा व वर्क परमिट वीजे से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। परिजनों से उसका शव भारत भेजने के लिए एनओसी मांगी गई है। इंडियन एंबेसी से भी निवेदन किया गया है कि जल्द से जल्द उसके शव को दुबई से घर मंगाया जाए।
दुबई में इसरार की मौत की खबर सुनने के बाद घर में भी मातम छा गया है। परिजन गमगीन है और मां रसीतन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के प्रधान कदीर अहमद ने बताया कि इसरार कारपेंटर था। 22 फरवरी 2016 को एजेंट के माध्यम से टूरिस्ट वीजा लेकर दुबई काम के सिलसिले में गया था।