अब जल्द ही क्रिकेट के खिलाड़ियों के हाथों में इस जगह का बनाया गया खास बल्ला नजर आएगा। इस बल्ले से अब क्रिकेटर खूब चौके छक्के लगाएंगे।
{"_id":"595798bc4f1c1b472e8b4763","slug":"uttarakhand-will-make-bat-villo-tree-for-cricketers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अब इस जगह के खास बल्ले से चौके-छक्के लगाएंगे क्रिकेट के दिग्गज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब इस जगह के खास बल्ले से चौके-छक्के लगाएंगे क्रिकेट के दिग्गज
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
villo tree
दरअसल, अब उत्तराखंड सरकार पवर्तीय क्षेत्रों में आर्थिकी सुधारने के लिए अनोखे प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में वे अब जल्द ही विलो ट्री लगाने जा रही है। बता दें कि अभी तक यह पेड़ जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में पाए जाते हैं।
क्रिकेट
- फोटो : AmarUjala
खास बात यह कि इस पौधे की जड़ों में पानी को संचित रखने की क्षमता होती है, जिससे लवण युक्त भूमि की दशा सुधरने में यह प्रजाति उपयुक्त है। बता दें कि विश्व के 80 फीसद क्रिकेट बैट भारत में ही बनाए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फोटो : AmarUjala
बैट बनाने के उद्योग मेरठ और जालंधर में बने हैं। बल्ले बनाने का इन दोनों प्रदेशों में सालाना कारोबार 200 करोड़ से अधिक का है। बस बाबत वन मंत्री ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 127 इको टास्क फोर्स के गढ़ी कैंट स्थित मुख्यालय पहुंचे वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने विलो के अधिकाधिक रोपण को कार्ययोजना बनाने को कहा।
विज्ञापन
उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध करवाने के लिए, इस प्रजाति के पेड़ की व्यवसायिक खेती करने पर आर्थिक स्थिति मजबूत होने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस मुहिम को कौशल विकास से जोड़ युवाओं को इसकी लकड़ी से उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।