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उत्तराखंड: जंगल की आग पर काबू पाने के लिए तैनात होंगे आठ हजार फायर वाचर
Fri, 02 Apr 2021 12:03 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 02 Apr 2021 12:03 AM IST
सार
- प्रमुख वन संरक्षक ने आदेश किया जारी, क्रू स्टेशनों में तैनात किए जाएंगे वाचर
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उत्तराखंड के जंगल में आग
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड में जंगल में आग की लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए चौकस हुए वन विभाग ने अब अपने फायर क्रू स्टेशनों में फायर वाचर तैनात करने का फैसला किया है। प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी की ओर से इसका आदेश भी जारी कर दिया है। हर स्टेशन पर करीब छह फायर वाचर तैनात किए जाएंगे और इस हिसाब से वन विभाग करीब 8000 की तैनाती करेगा।
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राजीव भरतरी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक क्रू स्टेशन पर तैनात श्रमिकों या फायर वाचर एक टीम के रूप में काम करेंगे। हर क्रू स्टेशन पर फायर किट, औजार और अन्य सामान रखा जाएगा और जंगल की आग की घटनाओं का रिकार्ड रखा जाएगा। इसके साथ ही क्रू स्टेशन में हर दिन सुबह-शाम ड्रिल होगी। वन संरक्षक और प्रभागीय वन अधिकारियों को क्रू स्टेशनों का निरीक्षण करने को भी कहा गया है।
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1313 क्रू स्टेशन हैं प्रदेश में, कैंपा से मिली मदद
प्रदेश में वन विभाग ने जंगल की आग पर नियंत्रण पाने के लिए करीब 1313 क्रू स्टेशन बनाए हैं। कैंपा से करीब 2000 फायर किट उपलब्ध कराई गई है और वन प्रभागों को अतिरिक्त 180 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। क्रूू स्टेशनों की संख्या के हिसाब से वन विभाग को करीब आठ हजार श्रमिकों या फायर वाचर की जरूरत होगी।
एक अक्टूबर से करीब 1100 हेक्टेयर जला जंगल, 36.34 लाख का नुकसान
इस बार सर्दियों में जंगलों में आग लगी थी। तब से यह सिलसिला लगातार जारी है। वन विभाग के मुताबिक एक अक्तूबर से एक अप्रैल तक करीब 1159 हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ और 36.34 लाख रुपये की वन संपदा का अभी तक नुकसान हुआ है। जंगल की आग के कारण चार लोगों ने अभी तक अपनी जान गंवाईं है और दो घायल हुए हैं। 22 वन्य प्राणी आग की चपेट में आकर घायल हुए।
वन विभाग ने जिला स्तरीय फायर प्लान तैयार कर लिया है। इसी के हिसाब से फायर लाइन में सुधार और क्रू स्टेशनों की स्थापना की गई है। जंगल की आग पर नियंत्रण और सुरक्षा कार्य के लिए फायर क्रू स्टेशनों पर 4 से 6 फायर वाचर रखे जाएंगे। सभी प्रभागीय वन अधिकारियों को कहा गया है कि जंगल में पिरुल (चीड़ की सूखी पत्तियां) इकठ्ठा करवा लिया जाए।
- तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री
लोगों से अपील है कि जंगल में किसी भी तरह जलती हुई चीज न छोड़ें। अगले तीन दिन मौसम सूखा रहेेगा और ऐसे में आग तेजी से फैल सकती है। जंगल में कहीं आग दिखाई दें तो तुुरंत वन विभाग को सूचना दें।
- मान सिंह, मुख्य वन संरक्षक, वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन