उत्तराखंड में बर्फबारी: भारत-चीन सीमा से लापता तीन पोर्टरों की मौत, नेलांग पोस्ट पर पहुंचाए शव
Uttarakhand Weather Update: बीते 15 अक्टूबर को आईटीबीपी की टीम चार पोर्टरों के साथ नियमित गश्ती के लिए भारत चीन सीमा पर स्थित नीला पानी चौकी से सीमा के लिए रवाना हुआ था।
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भारत-चीन सीमा पर लापता तीन पोर्टरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पोर्टर आईटीबीपी गश्ती दल के साथ सीमा पर गए थे। पोर्टरों के शव आइटीबीपी की नीला पानी चौकी से डेढ़ किलोमीटर दूर सीमा की ओर बर्फ में दबे मिले। शवों के बरामद होने की सूचना आईटीबीपी प्रशासन ने हर्षिल थाने में दी है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि शवों को उत्तरकाशी लाया जाएगा। जहां पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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बीते 15 अक्टूबर को आईटीबीपी की टीम चार पोर्टरों के साथ नियमित गश्ती के लिए भारत चीन सीमा पर स्थित नीला पानी चौकी से सीमा के लिए रवाना हुआ था। वापसी के दौरान बर्फबारी के चलते पोर्टर राजेंद्र सिंह पुत्र बृजमोहन निवासी स्यूणा, सिरोर तहसील भटवाड़ी, संजय सिंह पुत्र दिलबर सिंह निवासी चिवां, नाल्ड तहसील भटवाड़ी व दिनेश चौहान पुत्र भारत सिंह चौहान निवासी भटवाड़ी गश्ती टीम से बिछड़ गए। चौथा पोर्टर गश्ती टीम के साथ नीलापानी चौकी लौटा।
इन तीन पोर्टरों की तलाश में 18 अक्टूबर को पांच अन्य पोर्टर भेजे गए। लापता पोर्टरों की खोजबीन की जा रही थी। आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी नेहाल सिंह भंडारी ने बताया कि लापता चल रहे तीनों पोर्टरों के बुधवार शाम को शव बरामद कर लिए गए हैं। भंडारी ने बताया कि पोर्टर रास्ता भटक गए थे। जिस स्थान पर शव मिले हैं वह स्थान चौकी से मात्र डेढ किमी दूर है। तीनों के शव को नेलांग पोस्ट पर पहुंचाया गया है। साथ ही आइटीबीपी की ओर से इन पोर्टरों के परिजनों को बुधवार देर शाम को सूचना दे दी गई।
उत्तरकाशी में आठ पर्यटकों समेत 11 लापता
हर्षिल से लम्खागा पास होते हुए छितकुल हिमाचल की ट्रेकिंग के लिए गए 8 पर्यटकों समेत 11 लोग लापता है। पर्यटकों के दल से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। हेलिकाप्टर से इनकी तलाश में एसडीआरएफ की टीम लगाई गई है।
पश्चिम बंगाल व अन्य स्थानों के आठ पर्यटकों का दल मोरी सांकरी की ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से 11 अक्तूबर को हर्षिल से रवाना हुआ था। इस दल में तीन कुकिंग स्टाफ और छह पोर्टर भी शामिल थे। पोर्टर पर्यटकों का सामान छोड़कर 18 अक्तूबर को छितकुल पहुंचे।
पुलिस ने सूचना उत्तरकाशी के ट्रेकिंग संचालक को दी। संभावना जताई जा रही थी कि 19 अक्तूबर तक पर्यटक और कुकिंग स्टाफ छितकुल पहुंच जाएंगे लेकिन बुधवार सुबह तक पर्यटक दल और कुकिंग स्टाफ का कोई पता नहीं चला पाया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि हर्षिल से लंबखागा छितकुल गए पर्यटकों के रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ की टीम हेली से रेस्क्यू कर रही है।