Uttarakhand Weather: केदारनाथ में चार तो रुद्रप्रयाग में 16 डिग्री रहा पारा, कई जगह शीत लहर का प्रकोप बढ़ा
मौसम केंद्र के अनुसार राज्य में कई स्थानों पर शीत लहर चल रही है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड परेशान कर रही है।
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देहरादून और आसपास के इलाकों में आज शनिवार को ठंड में इजाफा रहा। शनिवार को देहरादून में सुबह धूप खिली, लेकिन धूप में गरमाहट न के बराबर रही। जहां एक ओर पहाड़ी इलाकों में धूप खिली रही तो मैदानी इलाकों में कोहरा छाया रहा और शीत लहर का प्रकोप भी जारी रहा। हरिद्वार और कोटद्वार के मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप है। चमोली जिले के कई गांवों में पानी की लाइन जम गई हैं।
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हरिद्वार में जगह-जगह लोग अलाव सेंकते नजर आए। रोडवेज और रेलवे स्टेशन के बाहर नगर निगम की ओर से अलाव जलाए गए। जबकि अधिकतर इलाकों में निराश्रित लोगों ने ठंड से बचाव के लिए खुद ही रद्दी और लकड़ियां बीनकर अलाव जलाने के इंतजाम किए हैं। रात के समय गंगा घाटों और मैदानों में रहने वाले बेसहारा लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। नगर निगम की ओर से अलाव जलाने के लिए स्थान चिह्नित तो किए, लेकिन अब तक वहां अलाव की लकड़ी नहीं डाली जा रही है।
केदारनाथ में 4 तो रुद्रप्रयाग में 16 डिग्री रहा पारा
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित केदारनाथ तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। पूर्वान्ह 11 बजे तक धुंध व कोहरे के बीच हल्की धूप खिली। इसके बाद भी पूरे दिनभर शीतलहर का प्रकोप बना रहा, जिससे कड़ाके की ठंड रही। सूखी ठंड के चलते केदारनाथ में पिछले एक सप्ताह से तापमान ज्यादातर समय मानइस में रह रहा है। डीडीएमए के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि शनिवार को केदारनाथ में अधिकतम तापमान 4 डिग्री व न्यूनतम माइनस 12 डिग्री रहा। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में भी दिनभर सूरज और बादलों की आंखमिचौली होती रही। यहां अधिकतम पारा 16 डिग्री सेल्सियश और न्यूनतमम 6 डिग्री सेल्सियश दर्ज किया गया।
नलों में भी जम रहा पानी, बदलते मौसम ने बढ़ाई परेशानी
चमोली जनपद में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से कई जगह के प्राकृतिक स्रोत जमने से पेयजल की भी किल्लत हो गई है। ऊंचाई पर बसे गांव पाणा, ईराणी, सुतोल, कनोल, सुरांईथोटा, भलगांव सहित अन्य गांवों में नलों पर आने वाला पानी भी सुबह जम रहा है। ग्रामीण अपने मवेशियों को बर्फ जैसे जमे पाले को गरम कर दे रहे हैं। जोशीमठ क्षेत्र से लेकर दशोली विकासखंड के ऊंचाई वाले गांवों में पेयजल की किल्लत बढ़ गई है।
ऊंचाई वाले इलाकों में पानी के स्रोत जम रहे हैं, जिससे पानी की आपूर्ति कम हो गई है। जोशीमठ बाजार सहित अन्य आसपास के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में जिन स्रोतों से पानी की आपूर्ति होती है वह औली की तरफ से बहते हैं, जहां इन दिनों नाले जमकर बर्फ बन रहे हैं। ठंड के चलते सुबह बाजारों में लोग भी कम दिखाई दे रहे हैं। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर रहा है। रात आठ बजे तक अधिकांश बाजार बंद हो जा रहे हैं।
कड़ाके की ठंड ने जमा दिए झरने
उत्तरकाशी जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिससे यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग व हर्षिल क्षेत्र में झरने जमने लगे हैं। क्षेत्र में गाड़ गदेरो का पानी भी जमकर पाला बन गया है। जनपद के स्थानीय निकायों ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था भी शुरु कर दी है।
बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से बंद
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग गोविंद घाट के पास पिनोला के समीप भारी मात्रा में मलबा आने से बंद हो गया है। एनएच के द्वारा सड़क कटिंग का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान पहाड़ों से भारी मात्रा में बोल्डर और पत्थर गिरकर सड़क पर आ गए, जिससे मार्ग पूर्ण तरीके से आवागमन के लिए बंद हो गया है। पांडुकेश्वर, गोविंदघाट , लामबगड़, हनुमान चट्टी जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग केंद्र देहरादून ने शीतलहर की आशंका जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। केंद्र के अनुसार अगले चार पांच दिन शीतलहर और पाला गिरने से कड़ाके की ठंड रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार शनिवार से शीतलहर शुरू हो जाएगी।