उत्तराखंड: पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने बिगाड़ा मिजाज, बदरीनाथ में डेढ़ और हेमकुंड ढाई फीट बर्फ जमी
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि अगले 24 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और दक्षिण पूर्वी हवाओं के गठजोड़ का असर दिखाई देगा।
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विस्तार
राज्य के मैदानी इलाकों के साथ ही पर्वतीय इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और देश के दक्षिण- पूर्वी इलाकों से आ रही नम हवाओं ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल कर रख दिया है। इससे न सिर्फ मैदान से लेकर पहाड़ तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो रही है, वरन पर्वतीय क्षेत्रों में 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हुई। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि अगले 24 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और दक्षिण पूर्वी हवाओं के गठजोड़ का असर दिखाई देगा।
चारधाम सहित ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात
वहीं रविवार के बाद सोमवार को भी राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम खराब बना रहा। देहरादून में कभी धूप तो कभी बादलों का खेल चलता रहा। वहीं चारधाम में भी तड़के बर्फबारी हुई है। मसूरी में सोमवार तड़के बारिश होने के बाद मौसम खराब रहा। बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री और औली में बर्फबारी हुई। सोमवार को पर्यटन स्थल औली में इस सीजन का पहला हिमपात हुआ है। रामनगर में बादल छाए हुए हैं और बागेश्वर में तड़के से रुक-रुक कर बारिश जारी है। बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है।
बर्फ से ढकीं पहाड़ियां और दूरस्थ गांव
बर्फबारी से चमोली की पहाड़ियों सहित ऊंचाई पर बसे गांव बर्फ से ढक गए हैं। बदरीनाथ धाम में लगभग डेढ़ फीट और हेमकुंड साहिब में करीब ढाई फीट बर्फ जम गई है। रविवार देर रात से शुरू हुई बारिश और बर्फबारी सोमवार दोपहर तक हुई। इसके बाद मौसम सामान्य हुआ। डुमक, कलगोठ, पाणा, ईराणी, सुतोल, कनोल, रामणी सहित 12 गांवों में जमकर बर्फबारी हुई। बारिश और बर्फबारी से ठंड में इजाफा हो गया है। ठंड से बचने के लिए दिनभर लोग अपने घरों में रहे।
रविवार रात को अचानक मौसम ने करवट बदली और निचले क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई। दोपहर तक बदरीनाथ धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब, औली, गोरसौं बुग्याल, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी सहित नीती और माणा घाटियों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी तक बर्फ जम गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है। वहीं, हेमकुंड साहिब में अटलाकोटी से लेकर हेमकुंड सरोवर (तीन किलोमीटर) तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।
उत्तराखंड मौसम: यमुनोत्रीधाम में बर्फबारी, मसूरी में ओलावृष्टि, देहरादून व अन्य इलाकों में बारिश ने बढ़ाई सर्दी
फसलों के लिए लाभकारी है बारिश-बर्फबारी
गोपेश्वर। इस बारिश और बर्फबारी को काश्तकार फसलों के लिए फायदेमंद बताते हैं। ईराणी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी ने बताया कि आलू, राजमा के साथ ही आने वाली फसल के लिए जमीन में नमी आ गई है। इस बर्फ को सेब की आने वाली फसल के लिए भी लाभकारी माना जा रहा है। संवाद
खरसाली में सीजन की पहली बर्फ पड़ी
उत्तरकाशी जिले के ऊपरी क्षेत्रों में रविवार रात और सोमवार को जमकर बर्फबारी हुई जबकि निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं यमुनोत्री धाम के शीतकालीन पड़ाव खरसाली में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। गंगोत्री, यमुनोत्री, जानकी चट्टी, हर्षिल, सुक्की टॉप, मुखबा, धराली, झाला सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। हर्षिल में बर्फबारी के बाद पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ जाती है। बर्फबारी से यहां व्यवसायियों के साथ ही काश्तकारों के चेहरे भी खिल गए हैं।
औली में बर्फबारी का पर्यटकों ने उठाया लुत्फ
औली में इस सीजन की पहली बर्फबारी होने से पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं। सोमवार को ही कई पर्यटक औली पहुंचे और ताजी बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। औली में बर्फबारी होने से पर्यटन व्यवसायों के भी चेहरे खिल उठे हैं। गौरसों बुग्याल में करीब दो फीट और औली के दस नंबर टावर तक डेढ़ फीट ताजी बर्फ जम गई है। औली में बर्फबारी से फरवरी माह में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्कीइंग के आयोजन की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
बर्फबारी से औली स्लोप पूरी तरह से ढक गया है। वहीं, नए साल व क्रिसमस से पहले औली में हुई बर्फबारी को पर्यटन व्यवसाय के लिए शुभ माना जा रहा है। होटल व्यवसाय से जुड़े अजय भट्ट का कहना है कि औली में बर्फबारी के बाद होटल व्यवसाय अच्छा चलने की उम्मीद है। विभिन्न राज्यों से सैलानी औली में बर्फबारी के बारे में जानकारी ले रहे हैं। नए साल व क्रिसमस को देखते हुए औली में गढ़वाल मंडल विकास निगम के कमरे 20 दिसंबर से एक जनवरी तक के लिए बुक हो चुके हैं।
केदारनाथ में दिनभर रूक-रूककर होती रही बर्फबारी, काम ठप
केदारनाथ में दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। यहां लगभग आधा फीट नई बर्फ जम गई है, जिस कारण पुनर्निर्माण कार्य पुन: ठप हो गए हैं। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है।
दो दिन सुहावने मौसम के बाद सोमवार को तड़के से केदारनाथ में बर्फबारी शुरू हो गई थी। यहां सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक तेज बर्फ गिरती रही। इसके बाद, मौसम में कुछ सुधार हुआ। लेकिन पुन: बर्फबारी होने लगी। यहां लगभग आधा फीट नई बर्फ जम चुकी है।
उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। बीते सप्ताह शुक्रवार को केदारनाथ में बर्फबारी हुई थी, जिससे काम प्रभावित हुए थे। डीडीएमए के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि केदारनाथ में खराब मौसम के कारण दिनभर तापमान माइनस में रहा। यहां अधिकतम पारा माइनस 2 व न्यूतनतम माइनस 8 डिग्री सेल्सियश रहा। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश होती रही, जिस कारण ठंड बढ़ गई है। इस दौरान बाजारों में चहल-कदमी कम ही रही।
बर्फ से लकदक हुईं धारचूला-मुनस्यारी की चोटियां
रविवार रात और सोमवार सुबह की बारिश और इसके बाद हुई बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। इस बारिश-बर्फबारी के बाद पर्वतीय इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। दारमा और व्यास घाटी के 21 गांवों को बर्फ की सफेद चादर ने ढंक लिया है। बर्फबारी के बाद व्यास और दारमा घाटी के संपर्क मार्ग भी बर्फ से पट गए हैं। मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर भी सीजन का सातवां हिमपात हुआ।
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य हिस्सों में सोमवार की सुबह बारिश हुई। मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर हिमपात हुआ। धारचूला की दारमा घाटी के 14 गांवों में बर्फबारी के बाद घर और खेत एक फुट बर्फ से ढंक गए हैं। व्यास घाटी के चीन सीमा से लगे सात गांवों में एक फुट, आदि कैलाश पर्वत और ओम पर्वत पर दो फुट से अधिक बर्फबारी हुई है। यहां इस साल की यह पांचवीं बर्फबारी है।
गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि एक हफ्ते में दूसरी बार बर्फबारी हुई है। पैदल मार्ग भी बर्फ से ढंक गए हैं। इससे आवागमन में थोड़ी मुश्किलें आ रहीं हैं। बारिश और बर्फबारी के कारण व्यास घाटी में बीआरओ को सड़क निर्माण कार्य करने में दिक्कत होने लगी है। बर्फबारी से स्थानीय लोगों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पंचाचूली, हंसलिंग, छिपलाकेदार, नाग्निधुरा में इस सीजन की सातवीं बर्फबारी है। सोमवार को खलिया, भुजानी टीआरसी में लगभग पांच इंच हिमपात हुआ। खलिया टॉप में लगभग एक फुट बर्फ पड़ी है। बागेश्वर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश हुई। कपकोट के ऊंचाई वाले इलाके पिंडर घाटी के खाती, वाछम, सोराग, बदियाकोट की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई। बोरबलड़ा, विचला दानपुर की ऊंची चोटियों में भी बर्फबारी की सूचना है। रानीखेत में रविवार की देर रात हुई बारिश से तापमान में गिरावट आ गई है। नैनीताल में सोमवार सुबह एक से डेढ़ घंटे तक बारिश हुई।