Uttarakhand News : पांच महीने में सामान्य से 71 फीसदी बारिश कम, ग्रामीणों के सामने सूखे के हालात
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पांच महीने में रुद्रप्रयाग जिले में सामान्य से 71 फीसदी बारिश कम हुई है। जिसने सूखे जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बीते वर्ष सितंबर से इस वर्ष जनवरी तक सिर्फ 78 मिमी बारिश हुई। जो सामान्य से 71 फीसदी कम है। कस्बों से लेकर गांवों में रवि की फसलें चौपट हो चुकी हैं। और कई गांवों में खेतों में बोए गेहूं, जौ के बीज के अंकुर भी नहीं फूटे हैं, जिससे अब धूल उड़ रही है।
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बीते वर्ष बरसात के बाद से बारिश सामान्य से भी 71 फीसदी कम हुई है, जिससे खेती व्यापक रूप से प्रभावित हुई है। जिससे सिंचित व असिंचित भूमि में की जा रही खेती व्यापक रूप से प्रभावित हुई है। आंकड़ों पर गौर करें तो बीते वर्ष सितंबर में कुल 52 मिमी बारिश हुई। जबकि अक्तूबर से दिसंबर तक एक बूंद पानी नहीं बरसा।
वहीं, इस वर्ष अभी तक 26 मिमी बारिश हुई है, जो 6 व 7 जनवरी को हुई थी।
बारिश के अभाव में तेजी से कम हो रही खेतों की आर्द्रता
मौसम की बेरुखी से हालात यह हैं कि अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बच्छणस्यूं, रानीगढ़, धनपुर, तल्लानागपुर, जखोली के भरदार, सिलगढ़, लस्या और ऊखीमठ के केदारघाटी, कालीमठ घाटी, तुंगनाथ व मद्महेश्वर घाटी में कई गांवों में रवि की फसलें चौपट हो चुकी हैं। बारिश के अभाव में खेतों की आर्द्रता तेजी से कम हो रही है, जो सही नहीं है।
जबकि ऊंचाई वाले गांवों में खेतों में नमी है। लेकिन रात को गिर रहा पाला फसलों को क्षति पहुंचा रहा है। इधर, सूखे के हालात को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सूखा निगरानी केंद्र स्थापित कर तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति द्वारा ब्लॉकवार सूखे का निरीक्षण कर एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई के तहत प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा दिया जाएगा।
बीते पांच माह में सामान्य से भी 71 फीसदी बारिश हुई है, जिससे कृषि व उद्यानिकी पर व्यापक असर पड़ा है। सूखे के हालात का जायजा लेने के लिए इन दिनों टीम तीनों ब्लॉकों में निरीक्षण कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। - एसएस वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी रुद्रप्रयाग