{"_id":"612cef788ebc3e7a157ea518","slug":"uttarakhand-weather-today-latest-news-pithoragarh-is-facing-disaster-for-centuries","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: सदियों से आपदा का दंश झेल रहा पिथौरागढ़, मालपा हादसे में गई थीं 260 लोगों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: सदियों से आपदा का दंश झेल रहा पिथौरागढ़, मालपा हादसे में गई थीं 260 लोगों की जान
Mon, 30 Aug 2021 08:30 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 30 Aug 2021 08:30 PM IST
सार
यूं तो पिथौरागढ़ जिले में कुदरत ने हमेशा से ही कहर बरपाया है लेकिन वर्ष 1998 में मालपा में बादल फटने से सबसे ज्यादा तबाही मची थी।
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में बारिश से तबाही
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन और नेपाल सीमा से सटा पिथौरागढ़ जिला कई दशकों से आपदा का दंश झेल रहा है। वर्ष 1977 से अब तक 14 से अधिक बड़ी दैवी आपदाओं में 497 से अधिक लोग जिंदगी से हाथ धो चुके हैं। जंगलों का अंधाधुंध कटान, सड़क निर्माण में विस्फोटकों और भारी मशीनों का प्रयोग, पहाड़ की परंपरागत भवन शैली छोड़कर सीमेंट के मकानों का निर्माण, नदियों से अवैज्ञानिक तरीके से खनन आदि को इन आपदाओं की प्रमुख वजह माना जाता है। इसके बावजूद सरकार और प्रशासनिक अमलों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन
उत्तराखंड में कुदरत का कहर: पिथौरागढ़ में बादलों ने मचाई तबाही, टनकपुर में बाढ़ जैसे हालात, तस्वीरें...
विज्ञापन
मालपा हादसे में गई थीं 260 लोगों की जान
यूं तो पिथौरागढ़ जिले में कुदरत ने हमेशा से ही कहर बरपाया है लेकिन वर्ष 1998 में मालपा में बादल फटने से सबसे ज्यादा तबाही मची थी। हादसे में 60 कैलाश मानसरोवर यात्रियों समेत 260 लोगों की जान चली गई थी। कैलाश यात्रियों में अभिनेता कबीर बेदी की पत्नी और क्लासिकल डांसर प्रोतिमा बेदी भी शामिल थीं। इस हादसे के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव मालपा का अस्तित्व ही मिट गया था।
विज्ञापन
Uttarakhand Weather: नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का येलो अलर्ट, मुनस्यारी में सीजन का पहला हिमपात
पिथौरागढ़ जिले में आईं आपदाओं का विवरण
वर्ष - स्थान - मृतक
1977 - तवाघाट - 44
1983 - धामीगांव - 10
1996 - रैतोली, बेलकोट - 18
1998 - मालपा - 260
1998 - रांयाबजेता - 05
2000 - हुड़की - 19
2002 - खेत - 05
2007 - बरम - 15
2009 - ला, झेकला - 43
2013 - धारचूला/मुनस्यारी - 27
2016 - बस्तड़ी/कुमालगौनी - 24
2017 - मदरमा - 03
2017 - मालपा मांगती - 05
2020 - टांगा व अन्य गांव - 21
2021 - जुम्मा धारचूला - 07
कुल - 502
1977 - तवाघाट - 44
1983 - धामीगांव - 10
1996 - रैतोली, बेलकोट - 18
1998 - मालपा - 260
1998 - रांयाबजेता - 05
2000 - हुड़की - 19
2002 - खेत - 05
2007 - बरम - 15
2009 - ला, झेकला - 43
2013 - धारचूला/मुनस्यारी - 27
2016 - बस्तड़ी/कुमालगौनी - 24
2017 - मदरमा - 03
2017 - मालपा मांगती - 05
2020 - टांगा व अन्य गांव - 21
2021 - जुम्मा धारचूला - 07
कुल - 502