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Uttarakhand weather: मलबा आने से स्वांला में फिर बंद हुआ टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे, 35 छोटे-बड़े वाहन फंसे

Wed, 10 Aug 2022 10:53 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 10 Aug 2022 10:53 PM IST
सार

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बुधवार शाम 6:05 बजे चंपावत से 23 किमी दूर स्वांला में पहाड़ी से मलबा और पत्थर लुढ़कने लगे। डीडीएमओ मनोज पांडेय ने बताया कि शुरुआत में मलबा गिरने की गति धीमी होने पर मलबे को साफ कर कुछ फंसे वाहनों को निकाला गया।

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Uttarakhand weather: Tanakpur Pithoragarh Highway closed after Landslide
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर स्वांला के पास बुधवार शाम छह बजे मलबा आने और पत्थर लुढ़कने से आवाजाही बाधित हो गई। रास्ते में 35 छोटे-बड़े वाहन फंसे हैं। फंसे वाहनों में ज्यादातर मालवाहक हैं। एनएच पर शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक आवाजाही पर प्रशासन की ओर से पहले से ही प्रतिबंध है लेकिन अब आकस्मिक सेवा वाले वाहनों की आवाजाही को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग ने पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग और रोडवेज को सड़क बंद होने की जानकारी देते हुए वाहनों का इस मार्ग से फिलहाल संचालन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। 

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आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बुधवार शाम 6:05 बजे चंपावत से 23 किमी दूर स्वांला में पहाड़ी से मलबा और पत्थर लुढ़कने लगे। डीडीएमओ मनोज पांडेय ने बताया कि शुरुआत में मलबा गिरने की गति धीमी होने पर मलबे को साफ कर कुछ फंसे वाहनों को निकाला गया। अलबत्ता 35 वाहन सड़क के दोनों तरफ फंसे हुए हैं। इन वाहनों में फंसे लोगों को राहत पहुंचने के लिए चल्थी पुलिस चौकी को निर्देश दिए गए हैं। रात में खतरे की वजह से फिलहाल मलबा हटाने का काम भी रोका गया है। गौरतलब है कि स्वांला में इसी स्थान पर 6 अगस्त की रात साढ़े दस बजे मलबा आया था जिससे पूरे 33 घंटे तक आवाजाही बाधित रही थी। 
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हाईवे पर आया निर्माणाधीन मल्ली टंगणी सड़क का मलबा 

बदरीनाथ हाईवे को मल्ली टंगणी गांव के लिए निर्माणाधीन करीब साढ़े चार किलोमीटर सड़क से खतरा हो गया है। इन दिनों रुक-रुककर बारिश हो रही है। बुधवार को हुई भारी बारिश से मल्ली टंगणी सड़क और डंपिंग जोन का मलबा हाईवे पर आ गया जिससे यहां बार-बार बदरीनाथ हाईवे बंद हो रहा है। बारिश होने पर यहां मलबा दलदल में तब्दील हो रहा है।

वर्ष 2019 में पाताला गंगा-मल्ली टंगणी (साढ़े चार किमी) सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। इस सड़क का निर्माण बदरीनाथ हाईवे के ठीक ऊपर चीड़ के जंगल से होते हुए किया। मगर इस बार की बरसात में सड़क कई जगहों पर ध्वस्त हो गई और जिससे सड़क के मलबे के साथ ही डंप किया गया मलबा भी हाईवे पर आ गया है। रोज हो रही बारिश से यहां टनों मलबा हाईवे पर आ रहा है जिससे हर दिन यहां वाहनों की आवाजाही ठप हो रही है।

एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) प्रबंधक संदीप कार्की ने बताया कि पीएमजीएसवाई की ओर से यहां सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क के डंपिंग जोन का टनों मलबा भी बारिश होने पर हाईवे पर आ रहा है। यह पिछले एक साल से हो रहा है। तहसील प्रशासन से लेकर पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को इस संबंध में लिखा जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मलबे से हाईवे पर मोटर पुल को भी खतरा बना हुआ है।

उमट्टा में दो घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने के कारण बदरीनाथ हाईवे कर्णप्रयाग के पास उमट्टा में देे घंटे बंद रहा। बुधवार सुबह छह बजे से आठ बजे यहां गोपेश्वर, चमोली, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, श्रीनगर, देहरादून जाने वाले वाहन फंसे रहे। सुबह आठ बजे सड़क खुल पाई। वहीं, कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे बड़े वाहनों के लिए मंगलवार रात आठ बजे खोल दिया गया था लेकिन बुधवार सुबह सिरोली में चट्टान गिरने से हाईवे फिर आधा घंटे बंद रहा। इसके बाद सुबह 7:30 बजे एनएच ने हाईवे खोल दिया था। 

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