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Uttarakhand Weather: मानसून ने बढ़ाई परेशानी, दो मौसम प्रणालियों के मिलन से सामान्य से सात फीसदी अधिक बरसे मेघ

Wed, 12 Jul 2023 08:51 PM IST
अलका त्यागी करन सिंह दयाल, अमर उजाला, देहरादून
करन सिंह दयाल, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 12 Jul 2023 08:51 PM IST
सार

बीती 25 जून से पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दिनों में आमतौर पर बारिश होती है, लेकिन इस साल जूलाई में अभी तक सामान्य से सात फीसदी अधिक बारिश हुई है, जो एक बड़ा बदलाव है।

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Uttarakhand Weather Seven percent more rain than normal due to combination of two weather systems
उत्तराखंड में बारिश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। प्रदेश में एक जुलाई से अब तक सामान्य से करीब सात फीसदी अधिक बारिश हुई है। इसका कारण दो मौसम प्रणालियों के मिलन को माना जा रहा है।

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बीती 25 जून से पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दिनों में आमतौर पर बारिश होती है, लेकिन इस साल जूलाई में अभी तक सामान्य से सात फीसदी अधिक बारिश हुई है, जो एक बड़ा बदलाव है।
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मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, बीते कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई राज्यों में दो मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें से एक पश्चिमी विक्षोभ है और दूसरी बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं हैं। पश्चिमी विक्षोभ वो हवाएं हैं, जो अरब सागर से अपने साथ नमी लाकर बारिश कराती हैं।

इसी के चलते उत्तराखंड सहित पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश देखने को मिल रही है। इससे इसके चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और जगह-जगह जलभराव और भूस्खलन से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।  

दस साल पहले मिले थे दो वेदर सिस्टम

आज से दस साल पहले यानी साल 2013 में दो वेदर सिस्टम उत्तराखंड में आपस मिले थे। इससे ही केदारनाथ में भीषण आपदा आई थी। मौसम विज्ञानिकों का कहना है दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग जैसे-जैसे बढ़ेगी, मौसम प्रणालियों के मिलने की घटनाएं भी बढ़ेंगी। इसके चलते बारिश की तीव्रता भी और ज्यादा बढ़ सकती है। बिक्रम सिंह ने कहा, बीते रविवार को हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवा का मिलन हुआ था। इस वजह से उत्तर भारत में जमकर बारिश हो रही है।

ऋषिकेश, हरिद्वार और आशारोड़ी में सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों में ऋषिकेश, हरिद्वार और आशारोड़ी में सबसे अधिक बारिश हुई है। ऋषिकेश में 31 सेमी, हरिद्वार के रोशनाबाद में 23, हरिद्वार में 21, आशारोड़ी में 21, लक्सर में 15 और रुड़की में 9 सेमी बारिश हुई। जबकि, जौलीग्रांट में 12, त्यूणी में 9, चकराता में 8, देहरादून में 8 और मसूरी में 7 सेमी बारिश हुई।

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