फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Weather News Today: weather is clear today , people get relief from cold

Uttarakhand Weather Today : धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की, आज भी मौसम शुष्क रहने की संभावना

Fri, 08 Jan 2021 10:34 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 08 Jan 2021 10:34 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand Weather News Today: weather is clear today , people get relief from cold
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)

गुरुवार को देहरादून में धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने आज भी राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों के कुछ भागों में सुबह के समय खासकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में मध्यम कोहरा छाए रहने के आसार हैं।

विज्ञापन


देहरादून में आज ( शुक्रवार) आसमान साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ ही धुंध व उथला कोहरा होने की संभावना है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 07 डिग्री रहने का अनुमान है।
विज्ञापन


मसूरी में चार दिन बाद खिली धूप 

बारिश और कोहरे के बाद मसूरी में चार दिन बाद धूप निकली। मौसम साफ  रहने से गुरुवार को दिनभर लोग गुनगुनी धूप का आनंद लेते नजर आए। सैलानी खुशनुमा मौसम का लुत्फ  उठाते नजर आए। वहीं धनोल्टी, कैंपटी और बुरांशखंडा क्षेत्र में भी मौसम साफ  रहा। हालांकि शाम को एक बार फिर बादल छा गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यटन व्यवसाय से जुड़े अरविंद सेमवाल ने बताया कि कि चार दिन बाद धूप निकलने से शहर में काफी चहलपहल रही। होटलों में ठहरे पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोग भी धूप सेंकते नजर आए। इसके अलावा मौसम का लुत्फ उठाने वादियों में पहुंचे सैलानी माल रोड, कैंपटी, धनोल्टी आदि पर्यटन स्थलों में सैर-सपाट करते दिखे।

Trending Videos

रुड़की/लक्सर : खुला मौसम, धूप सेकते निकला लोगों का दिन

कई दिन से बादल, कोहरा और बूंदाबांदी के बाद खिली चटक धूप का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। गुरुवार का दिन होने के चलते अधिकतर लोगों को कामकाज के लिए घर से बाहर जाना पड़ा, ऐसे में वह धूप का ज्यादा आनंद नहीं उठा पाए। हालांकि अधिकतर सरकारी दफ्तरों में लोगों ने धूप में ही कुर्सियां लगाकर कामकाज निपटाया। वहीं शाम को चली सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठंड बढ़ा दी।

शनिवार को अचानक ही मौसम का मिजाज बदल गया था। इसके बाद से लगातार रविवार से बुधवार तक हर रोज बूंदाबांदी और बादल छा रहे थे। इसके चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था। बारिश से मौसम में भी ठंडक बन गई थी। धूप नहीं निकलने से बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही थी।

हालांकि बारिश होने से किसानों को गेहूं, सरसों, टमाटर, मिर्च और गोभी आदि फसलों में सिंचाई करने से राहत जरूर मिल गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार का दिन लोगों के लिए राहत लेकर आया। सुबह हल्का कोहरा आने के बाद आसमान में चटक धूप खिल गई। धूप खिलने के बाद लोगों ने दिनभर अपने घरों के आंगन में बैठकर धूप सेककर सर्दी से राहत महसूस की।

वहीं लोगों ने धूप निकलने से अपने रुके कामकाज किए। कई जगह सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी धूप में बैठकर काम निपटाते नजर आए। वहीं शाम होते होते एक बार फिर सर्द हवाएं शुरू हो जाने से ठंडक बढ़ गई।

किसान शिव कुमार गर्ग, रजत शर्मा, उमेश चौधरी व शहीद अहमद आदि ने बताया कि धूप निकलने के बाद खेतों में कीटनाशक दवाइयां व खाद के छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया है। उधर, कृषि वैज्ञानिक केंद्र धनौरी के प्रभारी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि किसानों को चाहिए की जिन निचले इलाकों में खड़ी फसल में पानी भरा हुआ है, उसका पानी निकालकर कम कर दें और अपने खेतों में खाद का छिड़काव करें।

 उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी से जमी काली नदी, बहाव हुआ कुछ कम

शीतकाल में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तीन दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के कारण भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा काली नदी अपने मूल स्रोत कालापानी में जम गई है। नदी के जमने से नदी का बहाव कुछ कम हो गया है।

समुद्र तल से 11712 फीट की ऊंचाई पर स्थित कालापानी कैलाश मानसरोवर यात्रा रूट का मुख्य पड़ाव है। कैलाश यात्री कालापानी में शिव धाम जाने से पहले काली नदी के मूलस्रोत पर स्थित महाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। भारत नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा का सीमांकन करने वाली काली नदी के कालापानी में जमने के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में नदी का बहाव कुछ कम हुआ है।

नेपाल में इस नदी को महाकाली के नाम से जाना जाता है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी से पूर्व ही नवंबर के अंतिम सप्ताह से तापमान शून्य से नीचे रहता है। इस कारण कालापानी, गुंजी, गर्ब्यांग के 21 किमी तक काली नदी का बहाव काफी कम हो जाता है।

नदी के धारचूला पहुंचने तक इसकी सहायक नदी धौलीगंगा के साथ मिलने के बाद इसमें कुछ बहाव बढ़ जाता है। वर्तमान में इस क्षेत्र में छह फीट तक बर्फ जमी हुई है। सुरक्षा में लगी सुरक्षा एजेंसियों के जवान शीतकाल में इस नदी वाले पूरे इलाके में काफी मुस्तैदी के साथ 24 घंटे गश्त करते हैं। क्योंकि शीतकाल में बर्फबारी के कारण नदी का बहाव कम होने से तस्कर इस क्षेत्र में सक्रिय हो जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed