उत्तराखंड: भूस्खलन से परेशान जुग्जू गांव के 16 परिवारों ने छोड़े घर, प्रशासन ने विद्यालय में की रहने की व्यवस्था
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह का कहना है कि जुग्जू गांव के ऊपर रुक-रुककर पत्थर और मलबा गिर रहा है जिससे ग्रामीण घरों में रहने से भी डर रहे हैं। वे शाम को अपने मवेशियों को गांव में ही छोड़कर रात बिताने के लिए विद्यालय भवन में पहुंच रहे हैं।
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नीती घाटी में जुग्जू गांव के शीर्ष भाग में चट्टान से हो रहे भूस्खलन से परेशान गांव के 16 परिवारों ने घर छोड़ दिए हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से उनके रहने की व्यवस्था प्राथमिक विद्यालय रैणी में की गई है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र गांव के पुनर्वास की मांग उठाई।
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पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह का कहना है कि जुग्जू गांव के ऊपर रुक-रुककर पत्थर और मलबा गिर रहा है जिससे ग्रामीण घरों में रहने से भी डर रहे हैं। वे शाम को अपने मवेशियों को गांव में ही छोड़कर रात बिताने के लिए विद्यालय भवन में पहुंच रहे हैं। कहा कि जिला प्रशासन से कई बार गांव के पुनर्वास की मांग की गई, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि प्रशासन की ओर से ही प्रभावित ग्रामीणों के रात्रि ठहरने की व्यवस्था फिलहाल विद्यालय भवन में की गई है। गांव के ऊपर से पत्थरों का छिटकना बंद हो गया है। गांव के भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिए शीघ्र ही भू-वैज्ञानिकों की टीम जिले में पहुंचेगी। टीम के सर्वे के बाद ही गांव के पुनर्वास की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उफनते गदेरे को पार कर जा रहे स्यूंण गांव के ग्रामीण
स्यूंण गांव के समीप लुदाऊ गदेरे पर एक पखवाड़े पूर्व लोनिवि की ओर से बनाई गई लकड़ी की पुलिया बहने से ग्रामीणों को गदेरे से ही आवाजाही करनी पड़ रही है। स्कूल से आने-जाने वाले बच्चों को परिजन गदेरा पार करा रहे हैं। बीती 31 जुलाई की रात को भी भारी बारिश से गदेरा उफान पर आने से रास्ता और पुलिया बह गई थी, जिसके बाद 15 अगस्त को लोनिवि ने गदेरे पर आवाजाही के लिए लकड़ी की पुलिया बनाई थी जो अब फिर बह गई है। ग्राम प्रधान मनोरमा देवी, कुलदीप नेगी, धीरज राणा, अरविंद रावत, जगदीश रावत और युवक मंगल दल अध्यक्ष अरुण राणा ने बताया कि पुलिया बहने से ग्रामीण एक दूसरे का हाथ पकड़कर गदेरे को पार कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र गदेरे पर पुलिया निर्माण की मांग उठाई।
चट्टान टूटने से मलारी हाईवे अवरुद्ध
जोशीमठ-मलारी हाईवे पर नीती गांव के समीप हाईवे बृहस्पतिवार से अवरुद्ध पड़ा हुआ है। यहां हाईवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान चट्टान का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गया था, जिससे नीती गांव के ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हो गई है। यहां इन दिनों हाईवे चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान चट्टान का एक हिस्सा टूट गया था। मलबे को हटाया जा रहा है।