उत्तराखंड: स्वांला के पास 23 अगस्त से बंद पिथौरागढ़-टनकपुर हाईवे खुला, चारधाम यात्रा मार्ग भी सुचारू
Uttarakhand Weather Forecast: पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। राजधानी व आसपास के इलाकों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तेज गर्जना के साथ बारिश की भी संभावना है।
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मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक अगले चौबीस घंटे में मैदान से लेकर पहाड़ तक राज्य के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। कुछ जिलों में तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ेंगी।
गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू
वहीं शुक्रवार को सुबह से देहरादून में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी होती रही। हालांकि बाद में धूप निकल आई। डोईवाला में सुबह से बारिश होती रही। पहाड़ों की रानी मसूरी में धूप खिली रही। हरिद्वार में तड़के बारिश के बाद मौसम साफ हो गया। उत्तरकाशी में धूप खिली रही। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है।
स्वांला के पास 23 अगस्त से बंद पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग खुला
सीमांत की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़क बीते 11 दिनों से स्वांला के पास बंद चल रही थी। जिसे आज शुक्रवार को खोल दिया गया। यह मार्ग बंद होने के चलते सीमांत के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों का टनकपुर के गोदाम में माल डंप हो गया था।
चीन सीमा को जोड़ने वाला सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्वांला के पास भारी मलबा आने से 23 अगस्त को बंद हो गया था। इसके चलते सीमांत जिले के करीब 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े व्यापारियों के अलावा लोहाघाट, चंपावत के व्यापारी परेशान थे।
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तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की भी संभावना
मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। राजधानी व आसपास के इलाकों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तेज गर्जना के साथ बारिश की भी संभावना है।
दूसरी ओर पिछले दो दिनों से राजधानी दून व आसपास के इलाकों में कम बारिश होने के साथ ही अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी दून में गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक है। तापमान में बढ़ोतरी के चलते बारिश के मौसम में दिन में भी गर्मी का अहसास हुआ। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि बारिश कम होती है तो अधिकतम तापमान और बढ़ सकता है।
नदी पार करते हुए तेज बहाव में बहा किशोर
देहरादून के सोडा सरोली के पास दो दोस्तों के साथ सौंग नदी पार करते हुए एक किशोर तेज बहाव में बह गया। घर पहुंचे उसके दोस्तों ने घटना के बारे में बताया तो गुरुवार रात नौ बजे सूचना मिलने पर पुलिस ने किशोर की तलाश शुरू की। देर रात तक उसका कुछ पता नहीं चल सका था।
रायपुर थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि रात करीब नौ बचे सूचना मिली कि एक किशोर सोडा सिरोली पुल के पास नदी में बह गया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे तीन दोस्त नदी पार कर रहे थे। इस दौरान उनमें शामिल अमन डिमरी (17) पुत्र कैलाश निवासी नथुवावाला बह गया। अमन के दोनों साथी नदी पार कर गए।
वह घर पहुंचे तो परिजनों को घटना के बारे में बताया। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे। अमन के नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। देर रात तक पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर नदी में बहे किशोर की तलाश करती रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। उधर, ऋषिकेश के थाना मुनिकीरेती में 23 अगस्त को गंगा में मालाकुटी के समीप और रायवाला में बहे युवक का भी कोई सुराग नहीं लग सका है।
ऋषिकेश: जाखन नदी में लोगों की पैदल आवाजाही शुरू
जाखन नदी में लोनिवि की ओर से ह्यूम पाइप डालने के बाद लोगों की पैदल आवाजाही शुरू हो गई है। वहीं पेट्रोल पंप की साइड भी रोड बना दी गई है। 125 मीटर तटबंध बनकर तैयार हो गया है। घमंडपुर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। 27 अगस्त को रानीपोखरी स्थित जाखन नदी में मोटरपुल ढहने के बाद लोनिवि की ओर से वैकल्पिक मार्ग (काजवे) बनाया जा रहा है।
मार्ग के निर्माण के लिए लोनिवि ऋषिकेश की ओर से पेट्रोल पंप की ओर से कच्चा मार्ग को पूरा बना दिया गया है। सिंचाई विभाग के उपखंड अधिकारी अनुभव नौटियाल ने बताया कि अभी तक 125 मीटर तटबंध बनकर तैयार हो गया है। 20 मीटर तक तार वाले चेक डेम बनाए गए हैं। करीब 550 मीटर तटबंध और बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग की पेट्रोल की साइड ही तटबंध सुरक्षा का काम किया जाएगा। जबकि जौलीग्रांट की ओर से कटाव रोकने के लिए वन विभाग और लोनिवि काम करेंगे।
मसूरी रोड पर भूस्खलन का होगा स्थायी समाधान
मसूरी रोड पर कोल्हू खेत के निकट भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूस्खलन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। देहरादून-मसूरी रोड के बीच कोल्हू खेत में पिछले दिनों भूस्खलन से यातायात घंटों ठप रहा था। इस दौरान मसूरी और देहरादून मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थीं। गुरुवार को मुख्यमंत्री मसूरी गोलीकांड की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने मसूरी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कोल्हू खेत के निकट पहुंचकर भूस्खलन स्थल का निरीक्षण किया।