उत्तराखंड: बदरी-केदार और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, एनएच 58 खुला, दो पर्यटक आकाशीय बिजली से झुलसे
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उत्तराखंड प्रदेश में शुक्रवार देर रात अचानक मौसम ने करवट बदली और आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। जिससे शनिवार की सुबह मौसम सुहावना हो गया।
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बिजली गिरते समय मोबाइल पर बात करते हुए दो पर्यटक झुलसे
तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में दोपहर बाद फोन पर बात करते समय अचानक बिजली गिरने से उत्तरप्रदेश गजियाबाद के दो पर्यटक झुलस गए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीम मौके लिए रवाना हो गई है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई
राज्य के अन्य इलाकों में सुबह तक बारिश होने का सिलसिला जारी रहा। देहरादून में बारिश होने से कई दिनों से बढ़ रहे तापमान से कुछ राहत तो मिली, लेकिन फिर से धूप खिल गई। लेकिन बाद में बादल छा गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे एक बार फिर दून में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं आज केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब आदि में बर्फबारी हुई, जिससे निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है।
श्रीनगर में रात साढ़े तीन बजे बारिश शुरू हुई और करीब आधे घंटे तक रही। इससे पहले आसमान साफ था। शनिवार की सुबह यहां बादल छाए रहे। कर्णप्रयाग, और टिहरी में रात से सुबह तक बारिश जारी रही। उत्तरकाशी के बड़कोट में यमुनोत्री घाटी में भी मध्य रात्री से रिमझिम बारिश हो रही है। यहां हाईवे खुला हुआ है। वहीं अगले कुछ दिनों में भी तापमान में इजाफा होने के आसार हैं। इससे गर्मी बढ़ सकती है।
मलबा आने से सात घंटे बंद रहा ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे
ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर तोताघाटी के समीप भारी मलबा आने से हाईवे करीब सात घंटे बाधित रहा। इस दौरान यातायात को ऋषिकेश से टिहरी-मलेथा मोटर मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया, जिससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
#WATCH Uttarakhand: A landslide occurred at NH58 Rishikesh-Srinagar road in Tehri Garhwal. District Disaster Management Officer Brijesh Bhatt says that the road is closed near Kaudiyala due to the landslide. pic.twitter.com/ziEAkb8yjS
— ANI (@ANI) February 27, 2021
फरवरी में रिकॉर्ड तापमान दर्ज हो रहा है। इसके पीछे मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी विक्षोभ के बेअसर रहने को मुख्य वजह मान रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ दो-तीन पर्वतीय जिलों में देखने को मिला।
अन्य जिलों में इसका बिल्कुल भी असर नहीं रहा। इस कारण बारिश भी कम हुई। जनवरी व फरवरी में सामान्य से करीब 50 फीसदी कम बारिश हुई। इसके अलावा उष्ण कटिबंधीय तूफान को भी वजह बताया जा रहा है।
उत्तराखंड व अन्य हिमालयी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर सीमित रहा। इस वजह से इस बार बर्फबारी और बारिश में कमी देखी गई। मैदानी जिलों में बारिश बेहद कम हुई। इस वजह से तापमान में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। अगले कुछ दिनों में भी तापमान बढ़ने के आसार हैं।
- रोहित थपलियाल, मौैसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून
पश्चिमी विक्षोभ को तापमान बढ़ने का कारण माना जा सकता है। इसके अलावा उष्ण कटिबंधीय तूफान भी दूसरा कारण कहा जा सकता है। यह यूरोप, अफ्रीका व एशिया के गर्म इलाकों से चलता है। भारत में इसका केंद्र मुख्य तौर पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व दिल्ली रहता है। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भी आंशिक असर रहता है। इसके प्रभाव के कारण भी तापमान में इजाफा होता है।
- सुरेंद्र सिंह सुथर, एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ एनवायरमेंट एंड नैचुरल रिसोर्स
बदरी-केदार और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी
शनिवार सुबह अचानक मौसम खराब हुआ और बदरी-केदार समेत हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, गोरसो सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। शनिवार को बदरीनाथ, हेमकुंड, फूलों की घाटी, गोरसो सहित अन्य ऊंची चोटियों पर काफी बर्फबारी हुई।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने से जोशीमठ क्षेत्र में फिर से कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है। जोशीमठ में शाम के समय भी बारिश हुई। वहीं गोपेश्वर और अन्य इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं केदारनाथ समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई।
शनिवार को तड़के से ही हल्की बारिश शुरू हो गई और सुबह 8 बजे के बाद मौसम खुल गया। दोपहर बाद से फिर से बादल छाने लगे और बूंदाबांदी होने लगी। उधर, केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ क्षेत्र में हल्की बर्फबारी हुई। यहां दिनभर मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। इससे पूर्व शुक्रवार रात्रि को भी यहां हल्की बर्फबारी हुई। साथ ही निचले इलाकों में बारिश हुई।