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Uttarakhand Weather Today : आज रह सकता है हल्का कोहरा, चटक धूप निकलने से ठंड से मिली राहत
Tue, 19 Jan 2021 10:02 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 19 Jan 2021 10:02 AM IST
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सड़क किनारे आग सेंकते लोग
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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देहरादून शहर में मंगलवार को कोहरे का असर रह सकता है। आंशिक रूप से बादल भी रहने की संभावना है। हालांकि, दिनभर मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, खासकर हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में अधिक कोहरा रहेगा। देहरादून में कहीं-कहीं कोहरे का हल्का असर दिख सकता है। मंगलवार को शहर में अधिकतम 22 व न्यूनतम 08 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान है।
चटक धूप से ठंड से राहत
हरिद्वार में सोमवार को अधिकांश समय धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। आज मंगलवार को भी तापमान में बढ़ोत्तरी होने का अनुमान मौसम विभाग लगा रहा है।
आजकल मौसम का मिजाज हर दिन बदल रहा है। एक दिन तापमान गिर जाता है तो दूसरे दिन बढ़ जाता है। पिछले कई दिनों से ऐसा ही देखने को मिल रहा है। शनिवार के बाद फिर से रविवार को तापमान में गिरावट आ गई थी। जिससे तापमान एक साथ पांच डिग्री लुढ़ककर 16 पर पहुंच गया था।
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न्यूनतम तापमान भी गिरकर 3 डिग्री पर आ गया था। सोमवार को फिर से तापमान में एकदम से बढ़ोत्तरी हो गई। अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। रितु आलोक शाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत ने बताया मंगलवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
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चटक धूप से ठंड से राहत
हरिद्वार में सोमवार को अधिकांश समय धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। आज मंगलवार को भी तापमान में बढ़ोत्तरी होने का अनुमान मौसम विभाग लगा रहा है।
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आजकल मौसम का मिजाज हर दिन बदल रहा है। एक दिन तापमान गिर जाता है तो दूसरे दिन बढ़ जाता है। पिछले कई दिनों से ऐसा ही देखने को मिल रहा है। शनिवार के बाद फिर से रविवार को तापमान में गिरावट आ गई थी। जिससे तापमान एक साथ पांच डिग्री लुढ़ककर 16 पर पहुंच गया था।
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न्यूनतम तापमान भी गिरकर 3 डिग्री पर आ गया था। सोमवार को फिर से तापमान में एकदम से बढ़ोत्तरी हो गई। अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। रितु आलोक शाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत ने बताया मंगलवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
पर्याप्त बर्फबारी न होने से सेब उत्पादन पर संकट
इस बार अच्छी बारिश और बर्फबारी न होने से रामगढ़ और मुक्तेश्वर क्षेत्र में सेब के उत्पादन पर संकट गहरा गया है। उद्यान विशेषज्ञ उत्पादन में 30 से 40 फीसदी तक गिरावट की आशंका जता रहे हैं। इससे सेब उत्पादक खासे मायूस हैं। सेब उत्पादन के लिए इस समय तक पर्याप्त बारिश और बर्फबारी जरूरी होती है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।
नैनीताल जनपद के धारी ब्लॉक के रामगढ़ और मुक्तेश्वर क्षेत्र को फल बेल्ट के रूप में जाना जाता है। यहां सेब का अच्छा उत्पादन होता है। हालांकि बीते सालों में उत्पादन लगातार घटा है, बावजूद इसके यहां अभी भी कई काश्तकार ऐसे हैं जिनकी आय का मुख्य जरिया सेब उत्पादन ही है।
उद्यान अधिकारियों का कहना है कि 2000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले स्थान जहां अच्छी बर्फबारी होती है वह सेब उत्पादन के लिए अच्छे माने जाते हैं। एक फसल चक्र में सेब की अच्छी पैदावार के लिए 1000 से 1200 घंटे तक चिलिंग ऑवर होना चाहिए। इससे सेब में बढ़िया फूल आते हैं और बाद में पेड़ सेब से लकदक हो जाते हैं।
गत वर्षों में अभी तक सामान्य तौर पर दो से तीन बार बर्फबारी हो जाती थी। मुक्तेश्वर और रामगढ़ में तो बर्फबारी लंबे समय तक बागान में बनी रहती थी और काफी समय तक ठंडा मौसम रहता था। लेकिन इस साल अभी तक एक भी बार बर्फबारी नहीं हुई है। जिसकी वजह से सेब के फूलों पर असर पड़ेगा और उत्पादन भी प्रभावित होगा।
सेब की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है कि ठंड का मौसम लंबे समय तक बना रहे और इसमें बारिश और बर्फबारी मददगार रहती है। इस साल बारिश कम हुई है और बर्फबारी के नाम पर हिमकण ही गिरे हैं। इस वजह से जनपद में सेब उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
- भावना जोशी, जिला उद्यान अधिकारी, नैनीताल
नैनीताल जनपद के धारी ब्लॉक के रामगढ़ और मुक्तेश्वर क्षेत्र को फल बेल्ट के रूप में जाना जाता है। यहां सेब का अच्छा उत्पादन होता है। हालांकि बीते सालों में उत्पादन लगातार घटा है, बावजूद इसके यहां अभी भी कई काश्तकार ऐसे हैं जिनकी आय का मुख्य जरिया सेब उत्पादन ही है।
उद्यान अधिकारियों का कहना है कि 2000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले स्थान जहां अच्छी बर्फबारी होती है वह सेब उत्पादन के लिए अच्छे माने जाते हैं। एक फसल चक्र में सेब की अच्छी पैदावार के लिए 1000 से 1200 घंटे तक चिलिंग ऑवर होना चाहिए। इससे सेब में बढ़िया फूल आते हैं और बाद में पेड़ सेब से लकदक हो जाते हैं।
गत वर्षों में अभी तक सामान्य तौर पर दो से तीन बार बर्फबारी हो जाती थी। मुक्तेश्वर और रामगढ़ में तो बर्फबारी लंबे समय तक बागान में बनी रहती थी और काफी समय तक ठंडा मौसम रहता था। लेकिन इस साल अभी तक एक भी बार बर्फबारी नहीं हुई है। जिसकी वजह से सेब के फूलों पर असर पड़ेगा और उत्पादन भी प्रभावित होगा।
सेब की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है कि ठंड का मौसम लंबे समय तक बना रहे और इसमें बारिश और बर्फबारी मददगार रहती है। इस साल बारिश कम हुई है और बर्फबारी के नाम पर हिमकण ही गिरे हैं। इस वजह से जनपद में सेब उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
- भावना जोशी, जिला उद्यान अधिकारी, नैनीताल