उत्तराखंड मौसम : मसूरी में बरसे ओले, ठंड बढ़ने से जनजीवन अस्त व्यस्त, केदारनाथ में पांच फीट बर्फ
शुक्रवार को दून के अधिकतम तापमान में सामान्य से 13 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार दिनभर रुक-रुक कर बारिश से तापमान लुढ़क गया। शुक्रवार को दून के अधिकतम तापमान में सामान्य से 13 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
उत्तराखंड : भारत-चीन सीमा में ग्लेशियर टूटने पर गृहमंत्री शाह ने दिया मदद का आश्वासन, 219 लोग बचाए गए
मसूरी में बरसे ओले, ठंड बढ़ने से जनजीवन अस्त व्यस्त
पहाड़ों की रानी मसूरी में मौसम का सितम जारी है। शनिवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और बारिश के बाद जमकर ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने से शहर की सड़कें सफेद चादर सी ढक गई। वहीं ठंड बढ़ने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। इसी तरह देहरादून में भी शाम को मौसम बदल गया और बारिश हुई।
मसूरी शहर के मौसम का मिजाज बीते कई दिनों से बदला हुआ है। बारिश और ओले गिरने से ठंड बढ़ने से जनजीवन ठहर गया है। लोग रोजमर्रा के काम नहीं निपटा पा रहे हैं। वहीं सैलानियों की संख्या भी खत्म हो गई है। शनिवार को भी जमकर ओले पड़े। साथ ही बुरांशखंडा और धनोल्टी में हल्की बारिश हुई। कुलड़ी, लंढौर क्षेत्र में भी बारिश के साथ ही ओले गिरे। इससे शहर में कड़ाके की ठंड लौट आई है।
शुक्रवार को दिनभर रुक रुक कर बारिश होती रही
दून में शुक्रवार को दिनभर रुक रुक कर बारिश होती रही। इससे मौसम में ठंड बढ़ गई और लोग घरों से कम ही निकले। इससे बाजारों में भी अन्य दिनों की तुलना में भीड़भाड़ कम नजर आई। दून में अधिकतम तापमान के अलावा न्यूनतम तापमान भी बारिश के कारण सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम रहा।
केदारनाथ में पांच फीट बर्फ, पुनर्निर्माण ठप
केदारनाथ में पांच फीट से बर्फ जमी है, जिससे सभी पुनर्निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। इधर, जिला मुख्यालय सहित निचले इलाकों में दोपहर बाद बादलों की गर्जना के साथ बारिश हुई।
केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य कर रही वुड स्टोन कंपनी के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि करीब पांच फीट तक बर्फ जम चुकी है। आदिगुरु शंकराचार्य समाधि सहित अन्य निर्माण स्थल बर्फ से ढक चुके हैं। इधर, गरूड़चट्टी में रहने वाले स्वामी ललित रामदास महाराज ने बताया कि केदारपुरी में पिछले पांच दिन से मौसम खराब है, जिससे बर्फबारी हो रही है।
ऊंची चोटियों पर तीन दशक बाद हुआ अप्रैल में हिमपात
करीब तीन दशक से ज्यादा समय बाद चकराता के ऊंचाई वाले इलाकों में अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में बर्फबारी हुई। मौसम के इस बदले मिजाज से लोग भी हैरान हैं। चकराता क्षेत्र में बीते चार दिनों से मौसम खराब बना हुआ है।
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे से लोखंडी, देवबन, खडंबा, मंडोली, मोयला टॉप, व्यास शिखर आदि ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने लगी। दोपहर 1 बजे तक रुक-रुक कर पड़ रही बर्फबारी से लोखंडी में 2 इंच व अन्य ऊंची चोटियों पर 3 से 4 इंच बर्फबारी की सूचना है।
वही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से चकराता के तापमान में भारी गिरावट आई है। क्षेत्र पूरी तरह से ठंड की चपेट में आ गया है। क्षेत्र का तापमान 11 डिग्री व न्यूनतम तापमान 5 डिग्री पर आ गया। ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।