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उत्तराखंड: 30 जून से दो जुलाई तक भारी बारिश के आसार, सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत/मदकोट
Updated Sat, 30 Jun 2018 09:19 AM IST
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मौसम विभाग ने प्रदेश में 30 जून, एक और दो जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों, लोनिवि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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इधर, मदकोट में बृहस्पतिवार रात हुई मूसलाधार बारिश से जाराजिबली गांव में कई घरों में सड़क कटिंग का मलबा घुस गया और खेत मलबे से पट गए।
बारिश के बाद मलबा आने से बागेश्वर में बघर मोटर मार्ग बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों का सड़क संपर्क टूट गया है। मार्ग के शनिवार को खुलने के आसार हैं। शुक्रवार सुबह कपकोट में कर्मी मोटर मार्ग भी मलबा आने से बंद हो गया। हालांकि दोपहर में मलबा हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया। इससे पहले तीन घंटा तक यातायात बाधित रहा।
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बारिश के बाद सरयू का पानी मटमैला हो गया
वहीं, कपकोट विकास खंड में बारिश के बाद सरयू का पानी मटमैला हो गया है। इसके साथ ही नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में कपकोट में पांच एमएम बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर में भी पांच एमएम बारिश हुई। बागेश्वर का अधिकतम तापमान 38, जबकि न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिथौरागढ़ जिले में करीब 12 सड़कें मलबा आने से बंद हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ दिन बारिश होने के बाद बृहस्पतिवार को नैनी झील के जलस्रोत खुलने के कारण दो दिन से झील का जलस्तर स्थिर बना है, जबकि इससे पहले प्रतिदिन आधा इंच की गिरावट देखी जा रही थी। बृहस्पतिवार, शुक्रवार दोनों दिन जलस्तर 2.25 फुट मापा गया।
पिथौरागढ़ जिले में करीब 12 सड़कें मलबा आने से बंद हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ दिन बारिश होने के बाद बृहस्पतिवार को नैनी झील के जलस्रोत खुलने के कारण दो दिन से झील का जलस्तर स्थिर बना है, जबकि इससे पहले प्रतिदिन आधा इंच की गिरावट देखी जा रही थी। बृहस्पतिवार, शुक्रवार दोनों दिन जलस्तर 2.25 फुट मापा गया।