उत्तराखंड: देहरादून में बारिश से आए तेज सैलाब में बही कार
उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है। देहरादून में भी देर रात तेज बारिश ने जन-जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में आज चौथे दिन भी दिनभर अवरुद्ध रहा। रात करीब आठ बजे हाईवे आवाजाही के लिए खोला गया। अगर बारिश नहीं हुई तो सोमवार सुबह से आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
उधर, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भी डोलिया मंदिर और जामू नर्सरी के समीप भूस्खलन के कारण बंद हो गया था। जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। देर रात को केदारनाथ हाईवे भी खोल दिया गया। यमुनोत्री क्षेत्र सहित यमुना घाटी में भी रातभर बारिश होती रही। इसके चलते यमुनोत्री हाईवे डबरकोट और खरादी के पास रात से ही अवरुद्व था। सुबह नौ बजे हाईवे को आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
वहीं मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश के कई इलाकों में आज भी बारिश हो सकती है। राजधानी दून समेत आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है। चमक और गरज के साथ कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। दिन में दो से तीन दौर तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।
बारिश में बही कार, रेस्क्यू कर युवक को बचाया
देहरादून में देर रात हुई बारिश ने लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। कई जगह जलभराव के कारण सड़कें लबालब भरी रही। सहसपुर क्षेत्र में आए तेज सैलाब में एक कार गदेरे में बह गई। मौके पर पहुंची प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने कार में बैठे व्यक्ति को तो किसी तरह बचा लिया लेकिन उसकी कार तेज बहाव के साथ बह गई।
कार सवार व्यक्ति नवीन पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। वे रात को कार से जा रहे थे कि तभी बारिश के कारण गदेरा उफान पर आ गया और उनकी कार बह गई। लोगों ने जब ये देखा तो एसडीआरएफ को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंची टीम ने नवीन को बचाया।
मलबे में दबने से एक मजदूर की मौत, दो घायल
गुप्तकाशी में कालीमठ घाटी में निर्माणाधीन काली गंगा परियोजना-2 में कार्य कर रहे एक मजदूर की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई औरदो मजदूर घायल हो गए। घायलों को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक रविवार दोपहर करीब ढाई बजे कालीमठ से लगभग चार किमी दूर कविल्ठा गांव से पहले कुछ मजदूर काली गंगा परियोजना-2 के पावर हाउस की पाइप लाइन बिछाने का कार्य कर रहे थे, तभी कालीमठ-चौमासी मोटर मार्ग पर भूस्खलन होने से तीन मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
मलबे में दबने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो मजदूर घायल हो गए। अन्य मजदूरों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला। परियोजना के अधिशासी अभियंता शशिकांत ने बताया कि पावर हाउस की पाइप लाइन पर कार्य कर रहे नेपाली मूल के तीन मजदूर सड़क के ऊपर से हुए भूस्खलन के मलबे की चपेट में आ गए थे।