Weather Alert: बांध-बैराज पर काम करने वाले कर्मियों की छुट्टियां रद्द, सायरन से दी जा रही पानी बढ़ने की सूचना
यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल ने बताया कि मानसून सीजन में सभी बांधों और वहां मशीनों के बचाव को लेकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
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उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने सभी बांध और बैराजों पर काम कर रहे कर्मचारी-अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मानसून सीजन में नदियों में जल स्तर और पानी में आने वाली गाद की हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है।
यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल ने बताया कि मानसून सीजन में सभी बांधों और वहां मशीनों के बचाव को लेकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मानसून अवधि में मशीनों, परिचालन प्रणालियों, संचार साधनों एवं मानव संसाधन का सुचारु समन्वय और प्रबंधन किया गया है।
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निदेशक परिचालन पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि हर घंटे नदी का जल प्रवाह व गाद की मात्रा लॉग बुक में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जा रहा है। बांध एवं बैराज के अपस्ट्रीम में स्थापित विद्युत गृहों से निरंतर समन्वय बनाकर रखा जा रहा है, जिससे बांध एवं बैराजों पर अधिक पानी आने से पूर्व अतिरिक्त सतर्कता बरती जा सके। डिस्चार्ज व पीपीएम के संबंध में मुख्यालय को भी सूचित किया जा रहा है।
सायरन से दी जा रही पानी बढ़ने की सूचना
निदेशक परिचालन पुरुषोत्तम ने बताया कि त्वरित संचार के लिए बांध, बैराज और विद्युत गृहों में उपलब्ध टेलीफोन तथा मोबाइल कम्युनिकेशन के साथ-साथ सायरन, हूटर्स, आपातकालीन वाहन आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जनता को सतर्क करने के लिए विभिन्न स्थानों पर नदियों में न जाने के सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा बांध और बैराजों से पानी छोड़ने से पूर्व सायरन बजाने के साथ ही वाहन से भी डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में आम जनता को सूचित किया जा रहा है। साथ ही अपस्ट्रीम से नदियों में अधिक पानी की स्थिति की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन को भी सूचित किया जा रहा है।
इंजीनियर रात को भी कर रहे बांधों का निरीक्षण
सुरक्षा की दृष्टि से विद्युतगृहों की मशीनों को निर्धारित पीपीएम की सीमा तक ही चलाया जा रहा है। इसके साथ ही बांध और बैराजों पर कार्यरत किसी भी कार्मिक का अपरिहार्य कारणों को छोड़कर अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। रात्रि पाली में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक जूनियर इंजीनियर के साथ-साथ असिस्टेंट इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर भी बांध-बैराजों का निरीक्षण कर रहे हैं।
15 दिन के डीजल और जेनरेटर का बैकअप तैयार
यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल ने बताया कि बांध और बैराजों के गेट की कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित कर ली गई है। ग्रिड फेल होने की स्थिति में रिवर साइड गेट उठाने के लिए विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डीजल जनरेटर के परिचालन के लिए स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध हैं। 10-15 दिनों की जरूरत के हिसाब से डीजल का भी बैकअप है।