उत्तराखंड में बदला मौसम, अगले 24 घंटों में इन क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी की चेतावनी
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प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार को हुई बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई है। अधिकांश क्षेत्रों के अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री की कमी दर्ज की गई है। ठंड के चलते लोग गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज भी प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी का अनुमान है।
शनिवार तड़के राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की बारिश होती रही। कुछ देर थमने के बाद सुबह दस बजे तक भी एक-दो दौर की बारिश हुई। इससे एकाएक मौसम में बहुत ज्यादा ठंड बढ़ गई। इसके बाद पूरे दिन बादल छाए रहे, जिसके चलते धूप बेहद हल्की रही। दिन के तापमान में भी काफी कमी दर्ज की गई है। रात को एक बार फिर दो से तीन दौर की बारिश हुई। इससे रात को भी ठंड में इजाफा हो गया।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि तीन हजार मीटर तक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर क्षेत्रों के अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री की कमी हुई है। इससे अधिकतम तापमान सामान्य से कम हो गया है। न्यूनतम तापमान में भी तीन से चार डिग्री की कमी हो सकती है। उन्होंने बताया कि सोमवार से अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि रविवार को भी बारिश होने का अनुमान है।
24 घंटों में सर्द हवाएं, ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों के भीतर सर्द हवाएं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट रहने को कहा है। एहतियातन इस अवधि में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों को आवागमन की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग देहरादून से जारी चेतावनी के अनुसार कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन सहित सभी विभागों को मुस्तैद रहने को कहा है। पिथौरागढ़ एडीएम आरडी पालीवाल ने अलर्ट रहने के निर्देश जारी करते हुए पर्यटकों के आवागमन पर रोक लगाने के साथ ही जड़ी बूटी संग्रहण के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र में गए ग्रामीणों को भी सतर्क करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित सभी जिम्मेदार विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम के अचानक करवट बदलने से शनिवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिमपात, जबकि मुनस्यारी में हल्की बारिश हुई। इससे पहाड़, भाबर से लेकर मैदान तक में पारा गिर गया। पर्वतीय क्षेत्र में कड़ाके की ठंड लोगों ने महसूस की।
शनिवार सुबह से आसमान बादलों से घिरा रहा। दोपहर बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। पंचाचूली, राजरंभा, छिपला आदि चोटियों पर हिमपात हुआ। मुनस्यारी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। जनपद के कुछ अन्य इलाकों में भी बूंदाबांदी हुई। हिमालयी क्षेत्र में ताजा हिमपात और बारिश से पारा अचानक गिरकर 10 डिग्री पहुंच गया। पूरे दिन धूप नहीं आने और पारा गिरने से ठंड काफी महसूस की गई। मुनस्यारी में लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाना पड़ा। धारचूला के माइग्रेशन वाले गांवों में भी ठंड बढ़ गई है। व्यास घाटी के सात गांवों से एक-दो दिन के भीतर पशुपालकों का घाटी की ओर लौटने का क्रम शुरू हो जाएगा। उधर रानीखेत में शनिवार सुबह बिजली की गड़गड़ाहट के साथ कुछ देर बारिश हुई। पूरे दिन यहां बादल छाए रहे। पर्यटन नगरी में कड़ाके की ठंड बढ़ने से लोग गर्म कपड़ों में नजर आए।
24 घंटेे के भीतर अंधड और ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम केेंद्र देहरादून की ओर से पौड़ी जिले में अगले 24 घंटे के भीतर अंधड और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। जिला प्रशासन की ओर से जनपद स्तरीय अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने आईआरएस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों को भी सतर्क किया है।