गर्मी में जनता को 'प्यासा' छोड़ यात्रा पर निकले मंत्रीजी
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गर्मी शुरू हो गई है और सूबा इस साल भी पानी की किल्लत से जूझेगा। पेयजल मंत्री नैथानी यह सच स्वीकारते बुधवार से अपनी 28 दिन की धार्मिक यात्रा शुरू करने जा रहे हैं।
उनकी यात्रा एक हद तक कामकाजी भी रहेगी क्योंकि यात्रा रूट पर वे अपने विभागों शिक्षा व पेयजल से जुड़ी योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करते चलेंगे।
पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में साफ-साफ कहा कि पहाड़ों में गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत बनी रहेगी क्योंकि केंद्र के हाथ खींचने से पेयजल तमाम योजनाएं अधर में लटक गई हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना (एनआरडीडब्ल्यूपी) के तहत 750 करोड़ की लागत से बनने वाली 650 योजनाओं के लिए केंद्र अब महज 50 करोड़ देगा, इससे कुछ भला नहीं होने वाला। इन योजनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों की कई छोटी छोटी योजनाएं हैं।
मंत्री ने बताया कि इस संबंध में वह कैबिनेट मंत्री बिरेंद्र सिंह से भी मिले लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब वित्त मंत्री अरुण जेटली से केंद्र और राज्यांश अनुपात को ठीक करने की मांग की जाएगी।
15 साल से निकल रही है यात्रा
एक धार्मिक यात्रा है जो सभी जिलों से होकर गुजरती है। टिहरी में विश्वनाथ मंदिर है जहां से डोली चलती है। इसकी शुरुआत मंत्री प्रसाद ने वर्ष 2000 में शुरू की थी। हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद मंत्री यात्रा पर निकलते हैं। वर्ष 2012 तक गढ़वाल के कुछ क्षेत्रों तक यात्रा जाती थी लेकिन अब पूरे प्रदेश में यात्रा जाती है।
ऑनलाइन बताएं पानी की परेशानी
- www. ujs.uk.gov.in यूजेएस.यूके.जीओवी.इन वेबसाइट पर दर्ज कराएं शिकायत
- मंत्री नैथानी ने लांच की जल संस्थान की वेबसाइट
- बिल भुगतान, नए कनेक्शन के लिए भी करें आवेदन
- ऑनलाइन सुविधा न होने पर टोल फ्री नंबर 18001804100 का लें सहारा
- 24 घंटे के अंदर दूर होगी शिकायत
पेयजल मंत्री की यात्रा से अफसरों की होगी कसरत
शिक्षा और पेयजल मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी बुधवार से 28 दिन तक चलने वाली विश्वनाथ डोली यात्रा के लिए निकल रहे हैं, लेकिन अपने यात्रा रूट से मंत्री ने अपने विभागीय अधिकारियों को जोड़ लिया है। मंत्री डोली के साथ जनता से सीधे संपर्क कर दिक्कतें जानेंगे तो जगह-जगह योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण करते चलेंगे।
दो दर्जन स्थानों पर शिक्षा और पेयजल विभाग के कार्यक्रम रखे गए हैं। ऐसे में मंत्री की यात्रा के दौरान अधिकारियों को उनके रूट मैप का अनुसरण करना होगा। नैथानी ने डोली यात्रा को विभागीय कामकाज से जोड़ लिया है। इसके लिए मंत्री ने पेयजल और शिक्षा दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर पूरा कार्यक्रम तैयार किया है।
बीते तीन वर्ष से प्रदेश के सभी जनपदों से होकर उनकी यात्रा गुजर रही है। ऐसे में जनता की मांगों पर कई योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जबकि कई पूरी हो चुकी हैं। कई योजनाएं आधी-अधूरी भी पड़ी हैं। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर नैथानी पत्रकार वार्ता और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
मंत्री का कहना है कि तीन वर्ष से वह पूरे प्रदेश में यात्रा के दौरान कई इलाकों से गुजरे हैं। इस बार यात्रा रूट पर हुए विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के साथ कार्यक्रम बनाया है। विभागीय कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए यात्रा को कामकाज के साथ जोड़ा है। इतना ही नहीं विधायकों के उनके विभागों से संबंधित विकास कार्य की समीक्षा भी की जाएगी।