फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand Waste management policy draft prepared

उत्तराखंड: कचरा प्रबंधन नीति का मसौदा तैयार, 12 को कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव

Wed, 05 Sep 2018 11:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 05 Sep 2018 11:35 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand Waste management policy draft prepared
- फोटो : अमर उजाला

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद प्रदेश सरकार कचरा प्रबंधन नीति पर हरकत में आ गई है। तीन दिन की छुट्टी के बावजूद सरकार ने इस नीति का मसौदा तैयार कर लिया।

विज्ञापन


इसे मंगलवार को नगर विकास मंत्री मदन कौशिक का अनुमोदन भी मिल गया। अब इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी के लिए 12 सितंबर को प्रस्तावित बैठक में रखा जा सकता है। इस मामले में जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट का दबाव है, उसमें माना जा रहा है कि कैबिनेट की इसी बैठक में इस मसौदे को मंजूरी मिल जाएगी।
विज्ञापन


दरअसल, उत्तराखंड के साथ ही कुछ राज्यों को सुप्रीम कोर्ट ने कचरा प्रबंधन नीति न बनाने पर फटकार लगाई है। हालांकि सरकार की कचरा प्रबंधन नीति की कवायद पहले ही काफी आगे बढ़ चुकी है। 2016 में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के स्तर पर राज्यों को इस संबंध में भेजी गाइडलाइन के बाद उत्तराखंड ने प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके अंतर्गत पांच बिंदुओं पर वेस्ट मैनेजमेंट पर काम करने की सलाह दी गई है। सॉलिड, प्लास्टिक, ई-वेस्ट, बायो मेडिकल वेस्ट जैसे बिंदुओं को प्रमुखता से सामने रखा गया था। 2017 में इस संबंध में जरूरी राज्य स्तरीय सलाहकार समिति का गठन भी उत्तराखंड किया जा चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के कचरा प्रबंधन नीति को लेकर आए आदेश के बाद सरकारी सिस्टम ने तेजी दिखाई है। कचरा प्रबंधन नीति के मसौदे को अंतिम रूप देते हुए इसे विभागीय मंत्री मदन कौशिक का अनुमोदन भी प्राप्त हो गया है। अब इसे कैबिनेट की बैठक में लाए जाने की तैयारी की जा रही है। नगर विकास मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जल्द से जल्द कचरा प्रबंधन नीति लागू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इधर, नगर विकास सचिव आरके सुधांशु का कहना है कि कचरा प्रबंधन को चूंकि नीति बनाई जा रही है, लिहाजा कैबिनेट की मंजूरी तो जरूरी होगी, लेकिन इसे सदन से पारित कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

कचरा प्रबंधन मसौदे में इन बिंदुओं पर फोकस
कचरा प्रबंधन नीति के मसौदे में अवशिष्ट पदार्थों की शुरूआत में ही पहचान कर लेने पर जोर दिया गया है। यानी वह जैविक या अजैविक किस प्रकृति का है। इसके अलावा, डोर टू डोर कलेक्शन में इसी अनुरूप उसे उठाने की व्यवस्था होगी। प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक है। इसलिए ये सुनिश्चित कराया जाएगा कि प्लास्टिक का उपयोग न हो। अपरिहार्य स्थिति में यदि इस्तेमाल होता भी है, तो उसका कचरा न्यूनतम स्तर पर हो। इसी तरह, तमाम तरह के कचरे का प्रबंधन वैज्ञानिक आधार पर किया जाए।


सुप्रीम कोर्ट में लगाया सरकार ने प्रति शपथपत्र
उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में प्रति शपथ पत्र दाखिल किया है। इसमें बताया गया है कि कचरा प्रबंधन नीति तैयार करने के लिए वह पहले से ही काम कर रही है। इस क्रम में उसने कई निकायों में कचरा निस्तारण के लिए काम भी शुरू कर दिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए इसे लागू करने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जा रही है। नगर विकास सचिव आरके सुधांशु ने यह जानकारी दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed