{"_id":"5bcc8bbabdec2269b96c85e1","slug":"uttarakhand-vpdo-recruitment-case-accused-safe-in-investigation","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के आदेश पर दूसरी बार हुई परीक्षा, लेकिन दोषियों तक नहीं पहुंची वीपीडीओ भर्ती प्रकरण की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के आदेश पर दूसरी बार हुई परीक्षा, लेकिन दोषियों तक नहीं पहुंची वीपीडीओ भर्ती प्रकरण की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 22 Oct 2018 05:00 AM IST
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ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती परीक्षा में हुई धांधली की जांच करीब ढाई साल बाद भी दोषियों तक नहीं पहुंच पाई है। सरकार की ओर से कराई गई भर्ती प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच में ओएमआर शीट पर छेड़छाड़ पाई गई थी। इस जांच के आधार पर सरकार ने भर्ती परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया था। भर्ती प्रकरण में किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाईकोर्ट के आदेश पर चयन आयोग ने दूसरी बार 196 पदों की लिखित परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट भी घोषित कर दिया है। लेकिन भर्ती प्रकरण की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है।
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वर्ष 2014 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन के बाद 6 मार्च 2016 को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के 196 पदों की बड़ी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। इन पदों के लिए करीब सवा लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 29 मार्च को भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया।
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आरोप है कि भर्ती में चयन कराने के लिए अभ्यर्थियों से करोड़ों का लेन देन किया गया। अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर सिंह की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी ने भर्ती प्रकरण की जांच की। जिसमें ओएमआर शीट में छेड़छाड़ पाई गई। चयन आयोग ने भी ओएमआर शीट की फॉरेंसिक जांच के लिए शासन से आग्रह किया था। कमेटी की जांच सिर्फ भर्ती परीक्षा को निरस्त करने तक सीमित रही। धांधली में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही अभ्यर्थियों से डील करने वाले दलालों का कोई पता लग पाया।
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चयन आयोग के पूर्व सदस्य दीवान सिंह भैंसोडा व महेश चंद्र का कहना है कि वीपीडीओ भर्ती में करोड़ों का लेन-देन हुआ है। जिससे भर्ती प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए। तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव व परीक्षा नियंत्रक की देखरेख में परीक्षा हुई है। जो भर्ती में धांधलियों के जिम्मेदार हैं।
चयन आयोग ने पूर्व में हुई वीपीडीओ भर्ती की लिखित परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर उत्तर पुस्तिका शीट में छेड़छाड़ होने पर फॉरेंसिक जांच कराने की शासन से मांग की थी। जांच में हर तरह से सहयोग करने के लिए आयोग तैयार है।
- संतोष बडोनी, सचिव, चयन आयोग