Uttarakhand: पर्यटकों के लिए बंद हुई फूलों की घाटी, 13 हजार से ज्यादा सैलानियों ने किया दीदार
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष करीब सात हजार कम सैलानी पहुंचे। बार-बार मौसम खराब होना इसका बड़ा कारण रहा। अब घाटी को पर्यटकों के लिए अगले वर्ष एक जून को खोला जाएगा।
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विश्व धरोहर फूलों की घाटी आज मंगलवार को पर्यटकों के लिए बंद कर दी गई है। इस वर्ष 13,161 देशी और विदेशी सैलानियों ने घाटी का दीदार किया। फूलों की घाटी के वनक्षेत्राधिकारी गौरव नेगी ने बताया कि अब घाटी को पर्यटकों के लिए अगले वर्ष एक जून को खोला जाएगा।
मौसम बनता रहा बाधा
इस साल भारी बारिश, बदरीनाथ हाईवे बार-बार बंद होने और मौसम को देखते हुए यात्रा को बीच-बीच में रोकने से पर्यटकों ने घाटी की ओर कम रुख किया। इसका नतीजा यह हुआ कि इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष करीब सात हजार कम सैलानी पहुंचे।All Weather Road Project: बदरीनाथ और गौरीकुंड राजमार्ग को जोड़ने वाली 910 मीटर लंबी सुरंग आरपार
घाटी में आने वाले पर्यटकों के चार सालों का आंकड़ा
वर्ष भारतीय विदेशी कुल2019 16904 644 17548
2020 906 10 916
2021 9389 15 9404
2022 20547 280 20827
2023 12760 401 13,161
खिलते है 300 से ज्यादा प्रजाति के फूल
घाटी का सबसे पीक समय जुलाई और अगस्त का महीना माना जाता है। इस दौरान यहां सबसे अधिक करीब 300 प्रजाति के फूल खिले होते हैं। इसी दौरान सबसे अधिक पर्यटक भी घाटी में पहुंचते हैं। यहां मुख्य रूप से ब्रह्मकमल, फेनकमल, ब्लूपॉपी, मारीसियस, मैरीगोल्ड, गोल्डन रॉड, जैस्मिन, रोवन, हेलमेट प्लावर, गोल्डन लीली सहित कई फूल खिलते हैं।
दिखते हैं कई तरह के वन्यजीव
इसके साथ ही यहां दुलर्भ प्रजाति के वन्य जीव हिम तेंदुआ, हिमालयन काला भालू, मोनाल, जंगली बिल्ली, कस्तूरी मृग आदि भी विचरण करते रहते हैं।