Uttarakhand: राजस्व क्षेत्रों में खुले दो थाने और सात चौकियां, अंकिता हत्याकांड के बाद बदली थी व्यवस्था
राजस्व क्षेत्र के सात हजार गांवों को रेगुलर पुलिस में शामिल किया जाना है। अब जो दो नए थाने और सात चौकियां खोली गए हैं, उनके अंतर्गत 3157 गांव आएंगे।
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राजस्व पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस में शामिल किए गए क्षेत्रों में थाने-चौकी खोलने का काम शुरू हो गया है। अब तक इन क्षेत्रों में दो थाने और सात चौकियां खोली जा चुकी हैं। स्टाफ तैनात कर काम भी शुरू कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को पत्र लिखकर थाने-चौकी खोलने और स्टाफ तैनात करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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18 सितंबर को अंकिता हत्याकांड के बाद प्रदेश की एक सदी पुरानी पटवारी पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे थे। इस पर हाईकोर्ट ने अपने पुराने आदेश का हवाला देते हुए सरकार को राजस्व पुलिसिंग को समाप्त करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में क्रमबद्ध तरीके से राजस्व क्षेत्रों को रेगुलर पुलिस के हवाले किया जा रहा है। सबसे पहले उन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जहां अपराध अधिक होता है और बाहर से आने वालों की संख्या अधिक है।
जिन क्षेत्रों में निर्माण की गतिविधियां बढ़ी हैं, उन्हें भी इस सूची में शामिल किया गया है। कुल मिलाकर प्रदेश के सात हजार गांवों और कस्बों को नई व्यवस्था में लाने की तैयारी है। इसी क्रम में पिछले दिनों कैबिनेट में फैसला लिया गया था। प्रदेश के इन क्षेत्रों में छह थाने और 20 नई चौकियां खोली जानी थीं। इसके तहत अब काम शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले पिछले दिनों देहरादून के चकराता थाना क्षेत्र में लाखामंडल चौकी खोली गई थी।
अब ये खुले थाने-चौकियां
थाना : अल्मोड़ा के देहघाट और धौलछीना
चौकी
टिहरी : गजा, चमियाला, कांडीखाल
अल्मोड़ा : जागेश्वर, मजखाली और भोरखल
देहरादून : लाखामंडल
नए थाने चौकी खोलने के लिए जिलों को निर्देशित किया जा चुका है। तेजी से काम चल रहा है। अब तक दो थाने और सात चौकियां खोली जा चुकी हैं। जल्द ही बाकी भी खोले जाएंगे।
- वी मुरुगेशन, एडीजी कानून व्यवस्था एवं पुलिस प्रवक्ता उत्तराखंड