उत्तराखंड: चंपावत में मानव तस्करी के आरोप में तीन महिलाएं गिरफ्तार, 14 साल की किशोरी बरामद
- नाबालिग को बरामद कर पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश
- बनबसा में देह व्यापार की सूचना मिलने पर पुलिस ने की कार्रवाई
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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने अंतर्राज्यीय महिला तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में एक नाबालिग को बरामद करने के साथ ही ऊधमसिंह नगर जिले की दो महिलाओं और बनबसा की एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है।
एसपी लोकेश्वर सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की प्रभारी मंजू पांडेय ने मुखबिर की सूचना पर तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया।
एसपी ने बताया कि सूचना मिली थी कि खटीमा थाना के सामने इलाहाबाद बैंक के पास रहने वाली राजकुमारी पत्नी सुभाष गौतम और ऊधमसिंहनगर के महाराजपुर किच्छा निवासी (मूल निवासी बौंगा गाय घट्टा, 24 परगना, पश्चिम बंगाल) कंचन मंडल और मीना बाजार थाना बनबसा निवासी सोनम दुबे पत्नी स्व. उत्तम कुमार दुबे लड़कियों से वेश्यावृत्ति कराने और शादी का झांसा देकर लोगों से ठगी करके पैसा कमाने के धंधे में लिप्त हैं।
इस पर मंजू पांडेय और उनकी टीम ने रीड्स संस्था एवं मानव अधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला के साथ ग्राहक बनकर उनसे शादी के नाम चार लाख रुपये में लड़की का सौदा किया। मानव तस्करी की पुष्टि होने पर मंजू पांडेय के नेतृत्व में पहुंची टीम ने राजकुमारी व उसके गिरोह की दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।
मौके से एक 14 वर्षीय किशोरी को भी बरामद किया गया। जिसे रीड्स संस्था के सुपुर्द किया गया। एसपी ने बताया कि तीनों महिलाओं के खिलाफ थाना टनकपुर में धारा 370(4)/363/366ए/ 420/120बी/ 34 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।