{"_id":"696a576a6cb7f71f6d0f03b2","slug":"uttarakhand-sukhwant-singh-suicide-case-sit-begins-investigation-examines-email-and-case-diary-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण, एसआईटी ने शुरू की जांच, ईमेल व केस डायरी का परीक्षण किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण, एसआईटी ने शुरू की जांच, ईमेल व केस डायरी का परीक्षण किया
Fri, 16 Jan 2026 08:55 PM IST
अलका त्यागी
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 16 Jan 2026 08:55 PM IST
सार
मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन किया गया था। सुखवंत ने आत्महत्या से पहले एक ई-मेल प्रदेश के आला अधिकारियों और विभागों को किया था।
विज्ञापन
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में आईजी एसटीएफ की नेतृत्व वाली एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। एसआईटी बृहस्पतिवार को आईटीआई थाने पहुंची थी। वहां से केस डायरी, ई-मेल व अन्य दस्तावेज लेकर परीक्षण किया गया। इसके साथ ही मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को हासिल किया गया है। घटना में इस्तेमाल तमंचे को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन किया गया था। सुखवंत ने आत्महत्या से पहले एक ई-मेल प्रदेश के आला अधिकारियों और विभागों को किया था। इस ई-मेल का भी एसआईटी ने परीक्षण शुरू कर दिया है। ई-मेल में ही स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों के नाम भी सुखवंत ने लिखे थे जिन पर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि इसमें 17 अटैचमेंट हैं। इस ई-मेल को 30 ई-मेल आईडी को सीसी में रखा गया है।
विज्ञापन
Haridwar: विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते डीएसओ श्याम आर्या समेत दो को रंगेहाथ दबोचा
विज्ञापन
एसआईटी ने शुक्रवार को काठगोदाम थाने पहुंचकर सुखवंत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन आदि भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। इनके परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी ने बताया कि इस मामले में आयुक्त कुमाऊं की ओर से मजिस्ट्रेटी जांच भी की जा हरी है। इसके अलावा सभी प्राथमिकियों की विवेचना आईजी एसटीएफ के नेतृत्व में बनी एसआईटी ही करेगी। डीजीपी ने बताया कि एसआईटी प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों का निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन परीक्षण कर रही है।