स्टिंग मामले में फंसे IAS पर गाज, उत्तराखंड से छुट्टी का फरमान
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मुख्यमंत्री हरीश रावत की लाख कोशिशों के बावजूद कथित स्टिंग आपरेशन के मामले फंसे आईएएस मोहम्मद शाहिद की उत्तराखंड से विदाई तय हो गई है। केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर शाहिद को तत्काल रिलीव करने का आदेश दिया है।
पत्र में अल्टीमेटम भी दिया गया है कि यदि शाहिद ने 11 अगस्त को शाम पांच बजे तक केंद्र में ज्वाइनिंग नहीं दी तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह पत्र सोमवार को ही शासन को मिला। मुख्य सचिव राकेश शर्मा के दिल्ली में होने के कारण सोमवार को इस फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्टिंग आपरेशन में फंसने के बाद केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को मुख्यमंत्री के सचिव आईएएस मोहम्मद शाहिद की उत्तराखंड में प्रतिनियुक्ति निरस्त कर दी थी। इस संबंध में मुख्य सचिव को केंद्र की ओर से 27 जुलाई को पत्र मिला था। लेकिन, 28 जुलाई को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र से इस फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।
पत्र से मचा हड़कंप, जानिए कब क्या हुआ
सीएम ने जांच पूरी होने तक शाहिद को उत्तराखंड में ही रोकने की मांग की थी। अब डीओपीटी ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मोहम्मद शाहिद को तत्काल कार्यमुक्त करने को कहा है। पत्र में ही प्रतिनियुक्ति निरस्त किए जाने का जिक्र भी है। केंद्र के इस पत्र से शासन में हड़कंप मचा है।
स्टिंग ऑपरेशन में कब क्या हुआ
22 जुलाई : एक संगठन और केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेसवार्ता कर स्टिंग आपरेशन का खुलासा किया
23 जुलाई : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष ने संयुक्त प्रेसवार्ता बुलाई
24 जुलाई : शाहिद ने पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की, शाम तक कार्यमुक्त हुए
25 जुलाई : भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर सीबीआई जांच की मांग की
गुजरात सरकार ने शाहिद की उत्तराखंड आने की एनओसी वापस ली
पीएमओ ने शाहिद की उत्तराखंड प्रतिनियुक्ति का आदेश निरस्त किया
28 जुलाई : राज्य सरकार ने केंद्र को फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा
10 अगस्त : केंद्र ने पत्र भेजकर 11 अगस्त तक शाहिद को रिलीव करने को कहा