फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand state war memorial in January.

उत्तराखंड: स्टेट वॉर मेमोरियल पर रक्षा मंत्री का बड़ा बयान

Mon, 30 Nov 2015 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 30 Nov 2015 10:58 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand state war memorial in January.

उत्तराखंड में स्टेट वार मेमोरियल फाइलों का सफर पूरा करके जल्द ही धरातल पर आने वाला है। सोमवार को रक्षामंत्री के बयानों से यह बात साबित हो गई। अगले वर्ष की शुरुआत में यहां प्रदेश के शहीद सैनिकों के सम्मान में युद्ध स्मारक की नींव रखी जाएगी।

विज्ञापन


दून पहुंचे रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि वार मेमोरियल की फाइल मंत्रालय में अंतिम प्रक्रिया में है। उन्होंने पूर्व सैनिकों को भरोसा दिया कि जनवरी 2016 तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उसके बाद वे खुद वार मेमोरियल का शिलान्यास करने के लिए दून आएंगे।
विज्ञापन


सोमवार को दून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज की ग्रेजुएशन सेरेमनी में शिरकत करने आए रक्षा मंत्री मनोहर परिकर से पूर्व सैन्य अफसरों का शौर्य दल राज्यसभा सांसद तरुण विजय के नेतृत्व में उनसे मिला। सांसद तरुण विजय लंबे समय से वार मेमोरियल निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। उनकी पहल से ही यह मामला सैन्य भूमि हस्तांतरण तक पहुंचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मेमोरियल के शिलान्यास में खुद आएंगे रक्षा मंत्री

uttarakhand state war memorial in January.

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस मामले की फाइल उनके मंत्रालय में पहुंच गई है। इस पर काम चल रहा है। जल्द ही इसे हरी झंडी दे दी जाएगी। उन्होंने पूर्व सैन्य अफसरों को आश्वासन दिया कि जनवरी 2016 में स्टेट वॉर मेमोरियल का शिलान्यास किया जाएगा, जिसमें वे खुद मौजूद होंगे। इस पर पूर्व अफसरों ने उनका आभार जताया और जल्द से जल्द फाइल निपटाने की अपेक्षा की।

गौरतलब है कि सैन्य परंपराओं वाले प्रदेश की स्थापना होने के बाद से आज तक यहां वॉर मेमोरियल का निर्माण नहीं हो पाया है। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने पूर्व सैन्य अफसरों को बताया कि वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) को बेहद सोच समझकर लागू किया गया है। हो सकता है कि इसमें कुछ खामियां हों। हम सब एक साथ बैठकर इनको दूर कर सकते हैं।

उन्होंने मेडल वापसी जैसा कदम उठाने के बजाए साथ मिलकर हल निकालने पर जोर दिया। रक्षा मंत्री हर घर फौजी की उत्तराखंड की परंपरा से काफी अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे पास ऐसा भी राज्य है, जहां से सबसे अधिक युवा इस वक्त सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इतनी ही संख्या में पूर्व फौजी व अफसर यहां निवास करते हैं।

मेमोरियल के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी

uttarakhand state war memorial in January.

चीड़ बाग में सेना के अधिकार क्षेत्र वाली 6 एकड़ बी 3 श्रेणी की भूमि को स्टेट वार मेमोरियल के लिए हस्तांतरित किया जाना है। भूमि हस्तांतरण के लिए सेना का अनुमोदन मिल चुका है। रक्षा मंत्रालय से अनुमोदन मिलते ही रक्षा संपदा महानिदेशालय से भूमि कैंट बोर्ड को ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया में लगभग एक माह का समय लगेगा।

दोगुनी हो जाएगी कैडेट संख्या
रक्षा मंत्री ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) की सीटों की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 करने पर भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉलेज की ओर से प्रस्ताव बनाकर भिजवा जाए। वे कॉलेज को मॉडल के तौर पर विकसित करने को भी आतुर दिखे। सोमवार को यहां पहुंचे परिकर ने सबसे पहले शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed